सिवान :एंटी रेबीज सूई के लिए ग्रामीणों का हंगामा, सीएस ने कहा बाहर से खरीदो दवा 

 #परवेज अख्तर 

 सिवान : सदर अस्पताल में शनिवार की सुबह 10 बजे एंटी रेबीज वैक्सीन के नहीं मिलने पर विभिन्न प्रखंडों से ठंड में इंजेक्शन के लिए आए पीड़ितों ने हंगामा किया। हंगामा कर रहे पीड़ित सीएस के कक्ष समीप पहुंचे लेकिन सीएम के अनुपस्थित रहने के कारण उनसे जब फोन पर पीड़ितों ने बात की तो उन्होंने अपनी लाचारी जाहिर करते हुए अगले एक सप्ताह तक यही स्थिति रहने की बात कही। इस पर पीड़ित और आक्रोशित हो गए।

आक्रोशितों ने सदर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इधर गश्त से लौट रही टाउन थाना की गश्त पार्टी ने सदर अस्पताल में अचानक इतनी भीड़ देखकर आक्रोशितों को शांत कराया और उन्हें वरीय अधिकारी के समक्ष अपनी बात को रखने की सलाह दी। इसके बाद सभी पीड़ित समाहरणालय पहुंचे लेकिन डीएम के मौजूद नहीं रहने के कारण वहां उनकी मुलाकात डीएम से नहीं हो सकी।

इसके बाद काफी देर तक पीड़ितों ने डीएम के आने का इंतजार किया:-आक्रोशित पीड़ितों का कहना था कि हमलोग रोजाना ही इंजेक्शन के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अनुपलब्धता की जानकारी देकर वापस कर दिया जाता है। पूछने पर कोई जानकारी नहीं देते हैं। जबकि अस्पताल में बिचौलियों द्वारा 350 रुपये देने पर इंजेक्शन उपलब्ध करा दिया जाता है। वहीं सीएस से जब बात की गई तो उन्होंने बाहर से खरीदने की सलाह दी। ऐसे में अब ना चाहते हुए भी आर्थिक बोझ झेलना पड़ेगा। आक्रोशितों में मो. खुर्शीद आलम, रवि कुमार पांडेय, फूलपति देवी, संगीता देवी, लालसा देवी, मनोज यादव, प्रितम कुमार, जयराम चौधरी, कन्हैया यादव, निर्मला कुमारी, शिववंशी राम, सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

विभाग बता रहा अपनी लाचारी:-विभाग में जब इस बारे में बातचीत की गई तो पता चला कि सदर अस्पताल में रोजाना एक हजार से ज्यादा इंजेक्शन की खपत है। 500 से 1000 की संख्या में अगर पटना से वैक्सीन आने पर कितने दिन काम चलेगा। यह तो एक दिन में ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में पीड़ितों को मजबूर होकर बाजारों से ऊंची कीमतों में इंजेक्शन की खरीदारी करनी होगी।

प्रखंडों के पीएचसी और सीएचसी का हाल बेहाल:-बता दें कि सदर अस्पताल में ही नहीं बल्कि जिले के हर प्रखंडों में स्थित पीएचसी, सीएचसी और रेफरल अस्पतालों का भी कमोबेश यही हाल है। इस कारण प्रखंडों में कुत्तों और बंदारों के अलावा अन्य जंगली जानवरों द्वारा काटे गए पीड़ितों को जानबूझ कर सदर अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। जिस कारण सदर अस्पताल पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है और यहां इंजेक्शन के लिए मारामारी चल रही है।

कहते हैं अधिकारी:– अस्पताल में वैक्सीन दो दिन से समाप्त है। विभाग को लिखा गया है, 500 से 1000 वैक्सीन तत्काल एक से दो दिन में सदर अस्पताल को उपलब्ध हो जाएंगे। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उपर से ही मांग के अनुसार इंजेक्शन की संख्या कम  उपलब्ध कराई जा रही है। जिस कारण प्रखंडों में भी इसकी सप्लाई नहीं हो पा रही है। अगर किसी को ज्यादा जरूरी है तो वह बाजारों से इसकी खरीदारी कर सकते हैं।

शिवचंद्र झा सिविल सर्जन, सिवान