सांसद सह जन अधिकार पार्टी के संरक्षक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के गिरफ्तारी मामले की जांच सीबीआइ करेगी
संजय कुमार सुमन
सम्पादक@दैनिक खोज खबर
जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के गिरफ्तारी मामले की जांच अब सीबीआइ करेगी। सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की 27 मार्च को बिहार विधानसभा घेराव के बाद एक पुराने मामले में गिरफ्तारी की सीबीआई जांच करेगी । केंद्र सरकार ने यह निर्णय उस गिरफ्तारी के मामले में लिया गया है, जिसके बाद उनके हाथों में हथकड़ी लगायी गई थी।प्रधानमंत्री कार्यालय के इस निर्देश की सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय के उप सचिव मणिराम ने जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव फजील अहमद को पत्र लिख कर दी है। फजील अहमद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बिहार पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया गया था। सांसद पप्पू यादव ने भी गिरफ्तारी और पेशी के दौरान हथकड़ी लगाए जाने पर आपत्ति जतायी थी।

क्या है मामला
विगत 24 जनवरी को विधि व्यवस्था को लेकर पटना शहर के गांधी मैदान में दर्ज एक मामले में पुलिस ने सांसद पप्पू यादव को गत 27 मार्च की रात्रि में गिरफ्तार किया था। अपनी गिरफ्तारी के दिन वे बिहार में बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव की पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। इस प्रदर्शन में जन अधिकार पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने सड़क पर उतरे थे। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव किया। इस झड़प में दोनों तरफ के करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पटना के गर्दनीबाग स्थित मैदान में सुबह ही सैकड़ों कार्यकर्ता जुट गए थे, और इसके बाद पप्पू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। इस दौरान पप्पू यादव के समर्थकों को रोके जाने पर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए, उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी जमकर लाठियां भांजीं और कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार (वॉटर कैनन) का भी इस्तेमाल किया था।

सांसद में उठा था मामला
पप्पू को गत एक अप्रैल को अदालत में पेश किए जाने के लिए पटना स्थित बेउर जेल से कैदियों के वाहन के जरिए हाथ में हथकड़ी लगाए हुए लाया गया और उनकी जमानत की याचिका खारिज होने पर उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया था। इस मामले को लेकर सांसद पप्पू यादव की सांसद पत्नी रंजीत रंजन ने लोकसभा में उनकी गिरफ्तारी का मामला उठाया था। उन्होंने इसे सांसद के सदन में भाग लेने के विशेषाधिकार के अतिक्रमण और राजनीतिक दबाव में पटना जिला प्रशासन की कार्रवाई बताया था।
निलंबित कर दिया गया था 11 पुलिसकर्मियों को
पटना जिला की एक अदालत ने भी पप्पू यादव को हथकड़ी पहनाकर पेश करने के मामले में 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि निलंबित किए जाने वाले पुलिसकर्मियों में सहायक निरीक्षक प्रदीप कुमार, सहायक अवर निरीक्षक जमालुद्दीन और 9 सिपाही शामिल हैं।
सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दिया धन्यवाद
सीबीआई जांच के मामले में पप्पू ने पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए बिहार सरकार के साथ-साथ लालू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे जानबुझ कर चार घंटे तक पटना पुलिस ने परेशान किया था।दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये।श्री यादव ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में सड़क पर उतरकर असली विपक्ष की भूमिका निभा रही है।





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