परवेज अख्तर/सीवान। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जिले के नदी तालाबों में लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। मंदिरों में भी पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। सिसवन संवाददाता से मिली जानकारी के अनुसार प्रखंड के विभिन्न जगहों पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा आपको बताते चलें कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हजारों की संख्या में लोगों ने सरयू नदी में डुबकी लगाई । गौरतलब हो कि प्रखंड के सिसवन, ग्यासपुर, जयीछपरा, कचनार, भागर के सरयू नदी के घाट पर मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन हजारों की संख्या में श्रधालुओं ने सरयू नदी में स्नान किया एवं ब्राह्मणों को दान पुण्य किया।सिसवन के शिवाला घाट पर श्रधालुओं कि सबसे अधिक भीड़ रही जहां प्रखंड के दर्जनों गांव के साथ साथ पड़ोसी रसुलपुर थाने के हजारों श्रधालुओं ने सरयू नदी में डुबकी लगाई। वहीं सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी काफी मुस्तैद दिखी आपको बताते चलें कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से
जिला पुलिस बल व एनडीआरएफ के जवान तैनात किए गए थे।
अंचल प्रशासन एवं सिसवन चैनपुर ओपी थाना पुलिस तत्पर दिखी।अंचल प्रशासन के द्वारा खतरनाक घाटों को बैरिकेडिंग कर श्रधालुओं को स्नान करने से रोका गया था।अंचलाधिकारी इंद्रवंश राय, सिसवन थाना के सहायक अवर निरीक्षक अरविंद कुमार सभी घाटों की निगरानी कर रहे थे।श्रधालुओं कि सुरक्षा को लेकर सिसवन, चैनपुर थाना के साथ साथ जिला पुलिस बल के जवान एवं महिला पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई थी ताकि श्रधालुओं को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो।श्रधालुओं कि भीड़ को देखते हुए नदी में एनडीआरएफ के गोताखोर नजर बनाए हुए थे। वहीं महिलाओं द्वारा कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कोसी भरकर भी मां गंगा की पूजा की गई।रघुनाथपुर संवाददाता से मिली जानकारी रघुनाथपुर प्रखण्ड के सरयू नदी के पावन तट नरहन घाट पर हजारो श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।व दान पुण्य भी किया।स्नान के बाद महिलाओं ने मनिहारी के दुकानों पर आवश्यकता का सामान खरीदा।वही बड़ो बुजुर्गों ने खेती से सम्बंधित सामान खरीदा। युवाओ व बच्चों में सबसे ज्यादा मेले की दिलचस्पी देखी गई।
विदित हो कि नरहन व राजपुर मोड़ पर गंग नहान के दिन मेला लगता हैं।
कार्तिक पूर्णिमा नहान के दिन नरहन घाट पर हजारो श्रद्धालुओं के जुटने की जानकारी से प्रशासन सचेत था।नदी में बैरिकेटिंग की गई थी। घाट से लेकर मेले तक प्रकाश की भी व्यवस्था थी , तो सुबह के 4 बजे से ही आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी देवनारायण झा विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए नाव व गोताखोर के साथ मुस्तैद थे।साथ मे जेएसएस श्रीधर पाण्डेय व पुलिस जवान मौके पर मौजूद दिखे।




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