*पूर्वोतर बिहार के सबसे चर्चित लोक देवता बाबा विशु मेला की तैयारी जोरों पर*
संजय कुमार सुमन
सम्पादक@दैनिक खोज खबर
पूर्वोतर बिहार के सबसे चर्चित लोक देवता बाबा विशु मेला की तैयारी जोरों पर है। 14 अप्रैल से पचरासी स्थल में चार दिवसीय भव्य मेला लगेगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बेहतर मेला लगाने का प्रयास किया गया है। सुप्रसिद्ध बाबा विशु मेला में हर वर्ग के लोगों की मनपसंद की चीजे आ रही है। महिलाऐं एवं बच्चों के मनोरंजन के लिए सर्कस,सिनेमा,मौत का कुआं,जादूघर,ड्रेगन झूला,टावर झूला आदि लग रहे हैं।

महिला समेत लाखों से अधिक की संख्या में श्रद्धालु एवं पशुपालक अपने दुधारू पशुओ का दुध लाकर बाबा विषु को चढ़ाते हैं एवं अपने पशुओ के स्वस्थ रहने की मनोकामना पूरी करने की मन्नते मांगते हैं। बाबा विशु के प्रति मान्यता है कि वे पशुओं से इतना प्रेम करते थे कि पशुओं को देखकर उसकी बीमारी को परख लेते थे एवं क्षण भर में चमत्कारी रूप से इलाज कर देते थे।
ऐसी मान्यताऐं हैं कि बाबा को चढ़ाने के लिए निर्मित रखा कच्चा दुध कभी खराब नहीं होता है। यह परम्परा मुगल बादशाह काल से ही चली आ रही है।
एक आकड़े के अनुसार मेले में प्रतिदिन पांच सौ क्विंटल दुध श्रद्धालुओं द्वारा अर्पण किया जाता है। जिससे मंदिर के ठीक उत्तर दिशा में दुध की सरिता बहती है। इसके अलावे यहां प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को जौनार में हजारों श्रद्धालु आकर दुधाभिशेक करते हैं और प्रसाद के रूप में दही चूड़ा का प्रसाद खिलाते हैं। मेला में सर्कस,सिनेमा,मौत का कुआं,जादूघर,ड्रेगन झूला,टावर झूला आदि लग रहे हैं। शहीद योगेन्द्र तूफान की स्मृति में कुश्ती दंगल का भी आयोजन रखा गया है। मेला में ग्रामीण क्षेत्रों से लुप्त हो रहे सिल्ला लोढ़ी,काठ एवं लोहा के विभिन्न तरह के सामान की दुकाने भी लग रही है।
मेला पर विस्तृत रिपोर्ट एवं ऐतिहासिक जानकारी पढने के लिए बने रहिये हमारे साथ www.dainikkhojkhabar.live पर संजय कुमार सुमन के साथ






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