सिवान :पुलिस लाइन पहुंचा इराक में मारे गए पांच मृतकों का अवशेष
#सीवान में नम आंखों से दी गई पांचों युवकों को मुखाग्नि

#परवेज अख्तर/सिवान :
इराक के मोसुल में आइएसआइएस के आतंकवादियों के द्वारा मारे गए 39 भारतीयों में शामिल जिले के पांच मृतकों का शव-अवशेष मंगलवार की अलसुबह ढाई बजे पुलिस लाइन में पहुंचा। यहां पहले से ही शव-अवशेषों को श्रद्धांजलि देने की पूरी तैयारी प्रशासन द्वारा कर ली गई थी। डीएम महेंद्र कुमार, एसपी नवीन चंद्र झा सहित सभी आलाधिकारी यहां मौजूद थे।

प्रशासन ने सभी पांच मृतकों के परिजनों को भी यहां बुलाया था। जिसमें तीन के परिजन पहुंचे थे। अवशेष पहुंचते ही सभी अधिकारियों ने पांचों मृतकों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वहां मौजूद तीन मृतकों के परिजनों को एक एक कर ताबूत सौंपा गया। ताबूत सौंपने के दौरान यहां मुआवजे की मांग को लेकर दो मृतकों के परिजनों ने अवशेष लेने से इन्कार कर दिया। परिजनों का कहना था कि पंजाब सरकार की तर्ज पर ही उन्हें भी मुआवजे की घोषणा बिहार सरकार करे। कम से कम एक सदस्य को नौकरी सरकार उपलब्ध कराए। इसके बाद वरीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद दोनों मृतक के परिजन अवशेष लेने को राजी हो गए। इसके बाद सभी मृतकों के अवशेष को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके पैतृक आवास भेजा गया। अवशेष मैरवा और आंदर प्रखंड में लेकर अधिकारी पहुंचे। जहां मैरवा के मृतकों को दारौली के घाट पर पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।जबकि आंदर में रकौली घाट पर मृतकों के परिजनों ने अंतिम क्रिया कर्म का काम किया। इसके पूर्व जिले से एक टीम डीआरडीए के निदेशक रंजन कुमार चौहान के नेतृत्व में पचरुखी सीओ गिन्नी लाल प्रसाद, दारौंदा सीओ अशोक कुमार चौधरी के साथ असांव एवं मैरवा की पुलिस पटना गई थी। पटना से लाए गए ताबूत में विद्याभूषण तिवारी, अदालत सिंह, धर्मेंद्र कुमार, संतोष कुमार सिंह एवं सुनील कुशवाहा के अवशेष शामिल थे।
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सीवान में नम आंखों से दी गई पांचों युवकों को मुखाग्नि
परवेज़ अख्तर/सीवान
इराक के मोसुल में आईएस द्वारा बंधक बना कर हत्या किए गए जिले के पांच युवकों के अवशेष का मंगलवार को आंदर व दरौली के घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। नम आंखों से परिजनों ने अंतिम विदाई दी। आंदर प्रखंड के रकौली घाट पर सहसरांव के विद्याभूषण सिंह को मुखाग्नि पांच वर्षीय बेटे तनिश ने दी, जबकि 55 वर्षीय चंद्रमोहन सिंह ने अपने बेटे संतोष कुमार सिंह को मुखाग्नि दी। इराक में मारे गए मैरवा के हरपुर के धर्मेन्द्र खरवार को सात वर्षीय बेटा रंजीत व गंडक कॉलोनी के सुनील कुशवाहा को छह वर्षीय बेटे ने दरौली घाट पर मुखाग्नि दी। हालांकि सिसवां के अदालत के अवशेष को नदी में प्रवाहित कर दिया गया। लोगों का कहना था सोमवार को अदालत के भतीजे की तिलक के साथ भतीजी की बारात आई थी। यही कारण रहा कि अवशेष को घर न लाकर सीधे दरौली घाट ले जाया गया। यहां सरयू नदी में उसे प्रवाहित कर अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। हालांकि अदालत की पत्नी पति को मृत मान चुकी थी। फलस्वरुप शादी की शोर में विधवा की रुलाई दब कर रह गई। इधर, मृत युवकों के ताबूत में बंद अवशेष के पटना से सीवान होते हुए पैतृक गांव पहुंचने के साथ घर में कोहराम मच गया था। विद्याभूषण सिंह की पत्नी पूनम देवी, सुनील कुशवाहा की पत्नी पूनम देवी व धर्मेन्द्र खरवार की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। इन्हें बस यही बात खाए जा रही थी कि अब छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
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पंजाब की तर्ज पर दी जाए आर्थिक सहयोग
सुनील कुशवाहा की पत्नी पूनम देवी व परिजन यह कहते हुए शव को लेने से इंकार करते रहे कि पंजाब सरकार की तर्ज पर बिहार सरकार भी बच्चों की परवरिश व आर्थिक सहयोग दे। धर्मेन्द्र खरवार का भाई हंसराज कुमार शव लेने के बावजूद पंजाब सरकार की तरह पांच लाख रुपये व पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को सरकार नौकरी देने की मांग कर रहा था। डीएम महेन्द्र कुमार ने कहा कि परिजनों की मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। जो भी नियमानुसार होगा उसे पूरा किया जाएगा। इससे पहले आंदर प्रखंड के विद्याभूषण सिंह व संतोष कुमार सिंह, मैरवा के हरपुर के धर्मेन्द्र खरवार, सुनील कुशवाहा व अदालत के अवशेष को शहर के पुलिस लाइन लाया गया। डीआरडीए सीवान के निदेशक रंजन कुमार चौहान मृत युवकों के अवशेश को पटना से पिकअप वैन से लेकर सुबह तीन बजे पुलिस लाइन पहुंचे। यहां डीएम महेन्द्र कुमार, एसपी नवीनचंद्र झा, सदर एसडीओ अमन समीर, एएसपी कार्तिकेय शर्मा, डीएसपी मुख्यालय नवीन कुमार मिश्र ने पांचों युवकों के अवशेष पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित दी। इसके बाद पांचों युवकों के अवशेष को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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