छपरा: सोमवार को नेहरू युवा केंद्र सारण के तत्वधान में राष्ट्र चिंतन युवा मंडल के द्वारा शिव शंकर पैलेश दालदली बाजार में आयोजित युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक विकास प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि रामकृष्ण परमहंस आश्रम छपरा के सचिव अतिदेवानंद स्वामीजी ने युवाओं के मार्गदर्शन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का कहना है कि बहती हुई नदी की धारा ही स्वच्छ, निर्मल तथा स्वास्थ्यप्रद रहती है। उसकी गति अवरुद्ध हो जाने पर उसका जल दूषित व अस्वास्थ्यकर हो जाता है। नदी यदि समुद्र की ओर चलते-चलते बीच में ही अपनी गति खो बैठे, तो वह वहीं पर आबद्ध हो जाती है। प्रकृति के समान ही मानव समाज में भी एक सुनिश्चित लक्ष्य के अभाव में राष्ट्र की प्रगति रुक जाती है और सामने यदि स्थिर लक्ष्य हो, तो आगे बढ़ने का प्रयास सफल तथा सार्थक होता है। हमारे आज के जीवन के हर क्षेत्र में यह बात स्मरणीय है।
ज़िला सलाहकार समिति के सदस्य आकाश कुमार मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को देश और युवाओं से काफी प्यार था और उन्होंने युवकों को प्रेरित करने के लिए काफी कुछ कहा। विवेकानंद का मानना था कि विश्व मंच पर भारत की पुनर्प्रतिष्ठा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है।दरअसल स्वामी विवेकानंद में मेधा, तर्कशीलता, युवाओं के लिए प्रासंगिक उपदेश जैसी कुछ ऐसी बातें हैं कि युवा उनसे प्रेरणा लेते हैं।
इस कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र सारण के लेखापाल सत्यनारायण यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस कार्यक्रम में 20 प्रखंड के 40 यूथ क्लब के सदस्य के साथ, राष्ट्रीय युवा स्वमसेवक सोनम कुमारी,आर्य सत्यसंगी,संजीव कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।




Recent Comments