मांझी(सारण) : थाना क्षेत्र के फतेह पुर के समीप सरयू नदी के किनारे स्थित मंदिर से सात वर्ष पूर्व अष्टधातु की मूर्ति की हुई लूट तथा दो वर्ष पूर्व यूपी के बलिया जिले से बरामद राम लक्ष्मण जानकी की बक्शे में बन्द मूर्तियों को चोरों ने फिर चुरा लिया।
घटना शनिवार की रात की है। ग्रामीणों को घटना की जानकारी तब हुई जब रविवार को दुर्गापूजा के पंडाल में स्थापित करने के लिए दान पात्र का बक्शा लेने एक ब्यक्ति मन्दिर गया। मन्दिर के भीतर रखे लकड़ी के सन्दूक का टूटा ताला देख उसने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। तब ग्रामीणों ने मांझी पुलिस को मूर्ति चोरी की घटना से अवगत कराया। थानाध्यक्ष नीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि चोरी गई मूर्तियों को बरामद करने के लिए पुलिस हर सम्भव प्रयास कर रही है।
मालूम हो कि वर्ष 2012 के दिसम्बर माह में सशस्त्र अपराध कर्मियों ने पुजारी को बंधक बनाकर अष्टधातु से निर्मित राम लक्ष्मण जानकी की मूर्तियां लूट ली थीं। तथा लगभग पांच वर्षों बाद मांझी पुलिस ने बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र से मूर्तियों को खंडित व लावारिस अवस्था में बरामद किया था। खंडित होने के कारण ग्रामीणों ने दो वर्ष पूर्व उन मूर्तियों को सन्दूक में सुरक्षित रख कर उनके स्थान पर ग्रामीणों ने संगमरमर की प्रतिमा धार्मिक विधि विधान से अनुष्ठान कर स्थापित कर दी थी। ग्रामीणों ने बताया कि चार माह से मन्दिर में कोई पुजारी नही था तथा गांव के लोग स्वयं सुबह शाम पूजा अर्चना करते थे। मूर्ति चोरी की घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है।




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