दैनिक खोज खबर, मुरलीगंज से ✍प्रणव वर्मा
मुरलीगंज प्रखंड के जोरगामा ग्राम में मंगलवार को प्रातः स्मरणीय अनंत श्री विभूषित परमाराध्य संत सद्गुरु महर्षि मेही परमहंस जी महाराज की 133 वी पावन जयंती बहुत हर्षोल्लास के साथ धूम धाम से मनाया गया । 
जोरगामा ग्राम में अरुण लाल दास के निज निवास पर मंगलवार प्रातः 06:30 से भजन कीर्तन तथा पूनः 7 बजे से स्तुति विनती ग्रंथपाठ तथा गुरुदेव की व्यक्तित्व एवं महिमा का गुणगान एवं सत्संग प्रवचन का आयोजन किया गया । 
इस अवसर पर चंद्रानंद बाबा ने सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया की सत्संग करने वालों का इहलोक और परलोक दोनों सुखी होता है। उन्होंने कहा कि सब प्रकार के ज्ञान सत्संग से उपजते हैं जो विषय ज्ञान है, वह सही ज्ञान नही है निर्विषय ज्ञान ही यथार्थ है । तथा मौके पर अरुण बाबू ने कहा अन्य स्थानों में किया हुआ पाप पुण्यमय स्थान पर जाने से नष्ट हो जाता है और पुण्यमय स्थान पर किया हुआ पाप दुनिया में कही भी जाने से कुछ भी करने से नष्ट नहीं होता ।इसलिए थोड़ा भी समय निकालकर सभी को सत्संग ध्यान अवश्य करना चाहिए। गुरुजयंति के अवसर पर भंडारा का भी आयोजन किया गया। तथा 03 बजे दोपहर से अपराह्नकालीन सत्संग का आयोजन रखा गया । 
इस अवसर पर बढ़ चढ़ कर सत्संगिगण शामिल हुए जिसमे प्रभाष लाल दास, सदानंद चौधरी, माहेश्वरी लाल दास,ई. दीपक वर्मा,रिप्पू वर्मा,सुशांत, यश, स्नेह , उज्ज्वल,लक्की,सेमी,निर्मला देवी,ज्योति कुमारी,अनुजा,वीनस,आयन आनंद का सत्संग को सफल बनाने में सक्रिय योगदान रहा।