बेतिया – गौनाहा:–श्रमदान से बनी विद्यालय को नही मिला भवन , जनता मे रोष

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
✍ दो महीने पहले से भूमि दान करने के लिए भटक रहे भूमि दान कर्ता :- प्रदीप कुमार

✍ विद्यालय भवन के लिए जमीन उपलब्ध लेकिन बन न पाया भवन :- ग्रामीण

✍ राशी उपलब्ध लेकिन जमीन के अभाव मे नही बना भवन :- बीआरपी सदन मिश्र ।

✍ विद्यालय के अभाव मे चार किलोमीटर दूर मध्य विद्यालय मे पढने जाते बच्चे ।
*पश्चिमी चम्पारण गौनाहा* सरकारी विद्यालय के लिए भूमि की जरूरत है । भूमि दानदाता अपने पूर्वजो के नक्शे कदम पर चलते हुए जब भूमि दान करने के लिए आगे आये तो दानदाता से लगभग दो माह बित जाने के बाद भी भूमि नही लिया गया । कहते हैं जिस व्यवस्था को गतिमान रहना चाहिए अगर वही थक हार कर बैठ जाए तो क्या कहा जाए।

आज से एक साल पहले माधोपुर पंचायत के पकड़ी बिसौली गांव के बच्चे के चेहरे उस वक्त खिलने लगे जब उनके अपना खरपतवार बांस बल्ले पर बना विद्यालय भवन मिला। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उस विद्यालय को फिर से चार किलोमीटर दूर उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलवा बाजार में टैग कर दिया गया। बहाना था की खरपतवार की झोपड़ी में बनी विद्यालय में बच्चे नहीं पढ़ेंगे यहां पक्का भवन का निर्माण किया जाएगा।

उस वक्त तो अधिकारियों के पास भवन बनाने के लिए राशि तो उपलब्ध था लेकिन जमीन कम पड़ रही थी। तभी एक भूमि दान दाता शिकारपुर थाना क्षेत्र के मथुरा निवासी प्रदीप कुमार ने अपने पूर्वजों के नक्शे कदम पर चलते हुए हाथ आगे बढ़ाया और जिला पदाधिकारी को एक पत्र लिखते हुए कहा कि मैं अपना काश्तकारी भूमि खेसरा 265 से 9 डिसमिल व 266 से 2-1/2 डिसमिल जमीन जो वर्तमान विद्यालय से पूरब दिशा में स्थित है । उसे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय नयाटोला पकड़ी बिसौली के लिए भूमि दान करता हूं।

प्रखण्ड अंतर्गत माधोपुर पंचायत स्थित पकड़ी विषैला गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भी नहीं बन पा रहा है विद्यालय का भवन । भवन नहीं बनने से ग्रामिणों में काफी रोष हैं ।

 वही सीओ प्रदीप कुमार सिन्हा ने बताया कि भूमि की पैमाइश कराया गया है । तथा उसका जांच प्रतिवेदन बनाकर एसडीओ नरकटियागंज के पास भेज दिया गया हैं।

वही बीआरपी सदन मिश्र ने बताया कि बताया कि भवन के लिए राशि उपलब्ध हैं । परन्तु जितना में भवन बनना चाहिए उतना भूमि प्रयाप्त नहीं हैं । वही ग्रामीण राज कुमार माली, सुभाष माली,  साहब पटेल, गोविन्द पंडित, सुभाष महतो, भागीरथी साह, जनार्दन साह, अशोक साह, बांकेलाल साह, शिव शंकर बैठा आदि बताते हैं कि झोपडीनुमा विद्यालय को भवन बनाने के लिए पूर्व भूधारी विद्यालय के नाम से 11.50 डिसमिल भूमि दान करने को तैयार हैं । वही विद्यालय भवन के लिए 15 डिसमिल जमीन पहले से उपलब्ध है जिसका खाता 189 व खेसारा न. 1336 हैं । बता देंं कि सरकार द्वारा  सन 2017 में पकड़ी विशौली में प्राथमिक नवसृजित विद्यालय का चयनित किया गया । जिसमे दो शिक्षक अमर कुमार लाल प्रधानाध्यापक व मनोज राम सहायक शिक्षक, दो रसोईया सविता देवी, रंजू देवी की भी नियुक्त की गई ।

मौके पर उपस्थित छात्र व छात्राऐ कक्षा पांच के राजा कुमार , प्रकाश कुमार कक्षा चार के रीया कुमारी, खुसी कुमार कक्षा तीन के नन्दिनी कुमारी कक्षा दो के चितरंजन कुमार, गोलू कुमार कक्षा एक के लड्डू कुमार, चांदनी कुमारी ने बताया कि हमलोगो प्रतिदिन तीन से चार किलोमीटर दूर मध्य विद्यालय बेलवा पढ़ने जाते है । विद्यालय दुर होने के कारण पढने जाने मे काफी परेशानी होती है ।

मिली जानकारी के अनुसार जमीन के अभाव में विद्यालय कही-कही बहुत दिनो तक दूसरे जगह चलता रहा । अंचल कार्यालय द्वारा भूमि उपलब्ध कराई गई  परन्तु प्रशासन जमीन खाली नहीं करा पा रही थी । उसके बाद ग्रामिणों के द्वारा चन्दा इक्कठा कर श्रमदान करके चयनित जमीन पर बांस बल्ली व खर पतवार से तीन कमरे वाली फूस की झोपड़ीनुमा विद्यालय का निर्माण किया गया । ग्रामिणों ने एक टेबल व दो कुर्सी की भी

व्यवस्था विद्यालय मे किया और झोपड़ीनुमा कमरे में विद्यालय चलने लगा । तीन माह बाद विद्यालय को बन्द कर राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलवा बाजार में  टैग कर दिया गया । चार किलों मीटर की लम्बा फासला तय करके बच्चो को पढ़ने के लिए विद्यालय जाना पड़ता हैं । जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भी विद्यालय नहीं बनने से जनता में रोष हैं ।