दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
बलात्कार एवं छेड़छाड़ के विरुद्ध किशोरियों एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने एव॔ शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने हेतु प्रेरित करने के लिए उ० म० वि० और अक्षरांचल केंद्र अमवामझार मझौलिया मॆ कक्षा 6, 7 एवं 8 की छात्राओं के लिए कार्यशाला का आयोजन राज्य साधनसेवी मेरी आडलीन के द्वारा किया गया। मेरी एडलीन ने बताया कि बच्चियों के साथ आये दिन हो रहे बलात्कार, दुष्कर्म की घटनाओं से बचाव और उसके विरुद्ध आवाज़ उठाने हेतु बच्चियों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। इसी क्रम में छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से समझाया गया। बालिकाओं को तरह- तरह के उदाहरण देते हुए मेरी एडलीन ने समझाया कि किसी भी बच्ची या औरत के शरीर के कौन- कौन से अंग है जिसे छूने का अधिकार किसी भी पुरुष को नहीं है, चाहे वह पुरुष अपना सगा भाई, पिता या रिश्तेदार ही क्यों न हो। अगर उस अंग कोई पुरुष छूता है तो वह बैड टच है। इसके लिए बच्चियों को स्वयं सजग रहना है और अगर कोई पुरुष उसके साथ गलत हरकत करता है, गलत तरीके से उसे छूता है तो तुरंत उसका विरोध करे उसके खिलाफ आवाज उठाये। मेरी एडलीन ने छात्राओं को बलात्कारियों या बदमाश लोगों से बचने के लिए टिप्स देते हुए समझाया कि अगर कभी भी उसके साथ या किसी और लड़की, बच्ची के साथ कोई लड़का, पुरुष गलत करने की कोशिश करता है तो वह सबसे पहले उसका विरोध करें, शोर मचाएं, चीखें चिल्लाए और लोगों को इकट्ठा करें। फिर अपने लोगों को जानकारी दे कि उसके साथ गलत किया जा रहा था। लड़कियां कोशिश करे अकेले में सुनसान स्थानों में न घूमे। किसी भी पुरुष के गलत बहकावे में न आये और किसी पराये पुरुष से सुनसान, अनजान जगह पर न मिले। सफर करते समय हमेशा सावधान रहें और पास में बैठे किसी भी पुरुष के द्वारा अगर गलत हरकत किया जा रहा हो तो डटकर उसका विरोध करें। इन सब बातों को अपनाने, सीखने के लिए सबसे पहले अपना झिझक तोड़े, शर्म हटाये। ये न सोचें अगर हम अपने साथ हो रहे गलत हरकतों आदि के बारे में किसी को बताएगे तो लोग क्या कहेंगे? इन सब बातों को त्यागकर आगे बढ़े और आवाज उठाये। वरना गलत करने वाले व्यक्ति का मनोबल बढ़ते जाएगा।छात्राओं ने इससे संबंधित बहुत सारी प्रश्नों को पूछा और जानकारियां ली। उसके बाद अंजली कुमारी, पूजा कुमारी, राजनंदनी कुमारी सहित कई बच्चियों के द्वारा बारी- बारी से गुड टच और बैड टच के बारे में बेझिझक बताया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज झा ने कहा कि आज की कार्यशाला से छात्राओं का मनोबल निश्चित तौर पर बढ़ेगा। बच्चियों को बहुत सारी जानकारियां मिली है जिससे वह अपना बचाव करने और बलात्कार जैसी बुरी घटनाओं के खिलाफ आवाज उतना के लिए प्रेरित होगी। शिक्षिका पूनम कुमारी ने बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी स्वयं को कभी भी कमजोर नहीं समझे और बुरे लोगों के खिलाफ आवाज उठाये, कोई गलत हरकत बर्दाश्त नहीं करें। शिक्षिका सीमा कुमारी, बिंदा देवी और टोला सेविका किरण देवी कार्यशाला में शामिल हुई। मेरी एडलीन ने कार्यशाला समापन पर कहा कि बलात्कार और दुष्कर्म के खिलाफ एक पहल हरेक महिलाओं को करनी ही होगी ताकि अब हमारी बच्चियों को आसिफा और निर्भया की तरह बलात्कार की शिकार न होना पड़े।