बिजली की शार्ट सर्किट से लगी आग से तीस एकड़ में फैली गेहूं की फसल जलकर हुई राख, लाखों का नुकसान

अमनौर /सारण – स्थानीय थाना क्षेत्र के तरवार, मुड़ा तथा बगही गांव में आग का तांडव ने किसानों के लगभग पैंतीस एकड़ भूमि पर लहलहाते गेहूं व ईंख के फसल को खाक कर दिया. शनिवार की दोपहर में अचानक लगी आग ने आठ दर्जन से अधिक किसानों के मेहनत की कमाई देखते ही देखते जला कर खाख कर दिया. बताया जाता है कि तरवार व मुड़ा गांव के खेतों में अचानक आग की लपटें निकलने लगी जिसे देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को दिया. वहीं आग पर काबू पाने के लिए सभी लोग मुस्तैदी के साथ डटे रहे. घंटों बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया. तबतक नब्बे किसानों के लगभग तीस एकड़ भूमि पर लगे गेहूं के खसल आग के आगोश में समा गई. अगलगी की घटना से मर्माहत किसान कैलाश पाण्डेय, उपेन्द्र कुमार राय, रामेश्वर राय, कांग्रेस राय, रामनरेश राय, रामप्रवेश राय सहित अन्य पीड़ित किसानों ने बताया कि महाजाम व किसी तरह इधर-उधर से ब्याज पर पैसों की व्यवस्था कर बड़ी मेहनत के साथ फसल उगाया था. लाखों रुपये की फसल नुकसान होने की बात बतायी जा रही है.

मगर इस घटना से हम सब किसान कहीं का नहीं रहे. फसल भी बर्बाद हो गया और उपर से कर्ज माथे पर चढ़ चढा रह गया. वहीं दूसरी ओर बगही गांव के चंवर के खेतों में लगी अचानक आग से डेढ़ एकड़ में फैले ईंख का फसल जलकर राख हो गया. जबकि एक किसान के दो कठ्ठे जमीन पर लगे गेहूं का फसल भी जलकर खाक हो गया. जिसमें जीतेन्द्र राय, शिव राय, गुलाब राय, नारायण राय, रामु राय तथा छठु राय बताये गये हैं. आगलगी की घटना बिजली की हाइटेंशन तार द्वारा स्पार्क होने की वजह बताई जा रही है. इधर इस घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर राजस्व कर्मचारी तथा सीआई पहुंच घटना का जायजा लिया. अमनौर सीओ सुशील कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्नि पीड़ितों को सरकारी मुआवजा दिया जाएगा. वहीं कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मौके पर पहुंच पीड़ित किसानों को ढाढ़स दिलाते हुए हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया.