बसौली के दक्षिण टोला में डकैतों का तांडव, विरोध करने पर महिला को मारी गोली
◆डकैती दौरान डकैतों ने महिला को गोली मार किया घायल
◆घर वालों की जमकर पिटायी कर करीब डेढ लाख की संपत्ति लूटी
◆ एक साल पहले भी इसी घर में डकैतों ने की थी डकैती
【परवेज अख्तर/सिवान】
लकड़ीनवीगंज. लकड़ी नबीगंज ओपी थाना क्षेत्र के बसौली दक्षिण टोला गांव में डकैतों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया. गृह स्वामी अजीम उल्लाह अंसारी के घर में करीब एक दर्जन से अधिक डकैतों ने प्रवेश कर एक महिला को गोली मारकर जख्मी कर दिया. डकैतों ने करीब डेढ़ लाख की संपत्ति लूट लिया. इस दौरान अन्य परिजनों की पिटायी कर घायल कर दिया. घटना के बाद के गांव में दहशत का माहौल है. लोग रतजग्गा करने को विवश है.
मालूम हो कि बुधवार की रात हथियार से लैस डकैतों ने अजीम उल्लाह अंसारी के घर में बुधवार की रात घर के पीछे से दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश कर गए. इसके बाद घर में सोये परिजनों के कमरों में तोड़फोड़ करने लगे. तोड़फोड़ की आवाज सुन घर की एक महिला अजीम उल्लाह अंसारी की पत्नी शैबुन निशा जग गयी. इसके बाद उसने जैसे ही कमरे का जैसे ही दरवाजा खोला अपराधियों ने उस पर फायरिंग कर दी. जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी. इसके बाद अपराधियों ने घर में घुसकर लूटपाट शुरू कर दिया. अन्य परिवार के सदस्यों की पिटायी भी की. इसके बाद महिला के शरीर पर मौजूद गहने एवं अन्य सामग्री लूटते हुए हवाई फायरिंग कर दरवाजे के बाहर बंधी गाय को खोल कर भागने लगे. परिजनों के चीख पुकार सुन आसपास के लोगों जग गये. लोगों की आवाज सुन अपराधी रास्ते में ही गाय को छोड़कर पूरब के दिशा की तरफ भाग निकले. अपराधी तेलिया उजैना मार्ग में खड़ी बाइक एवं चार पहिया गाड़ी से उजेना-गोपालपुर मार्ग की ओर भाग निकले. घटना के बाद पहुंचे लोगों ने आनन-फानन में नबीगंज सरकारी अस्पताल में गोली से घायल महिला को भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर स्थिति चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया है. घायल महिला के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. घायल की पतोहू नजमा बेगम ने बताया कि विगत 1 वर्ष पूर्व भी उसके यहां डकैती हुयी थी. इस दौरान डकैतों ने करीब दो लाख के जेवर एवं नगद लूटी थी. इस दौरान भी डकैतों ने परिजनों की पिटायी की थी. इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है. परिजनों का आरोप था कि पुलिस अगर पहली घटना का उद्भेदन कर दी होती तो शायद दोबारा घटना नहीं होती. परिजनों में आक्रोश एवं दहशत व्याप्त है. वहीं ग्रामीण रतजग्गा करने को विवश है.




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