दैनिक खोज खबर/मढ़ौरा(सारण/20/06/25)।सारण जिला के मढ़ौरा स्थित अमेरीकी कम्पनी वेबटेक कॉर्पोरेशन लोकोमोटिव कारखाना से पहली इंजन को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य के लिए रवाना किया। मढ़ौरा से तैयार रेल इंजन अफ्रीकन देश गिनी गणराज्य के सिमांडौ परियोजना के भेजी जानी हैं। पहली बार फैक्ट्री से बाहर निकली नीले रंग और आकर्षक डिजाइन में बनी इंजन ने अपनी चाल और गति से भी सभी को प्रभावित किया है। यह लोकोमोटिव इंजन मढ़ौरा से गिनी गणराज्य में सिमांडों परियोजना के रेल संचालन के लिए भेजा जाएगा। सिमांडों परियोजना गिनी के दक्षिण-पूर्व स्थित अफ्रीका की सबसे बड़ी खनन व बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं मे एक हैं। इस परियोजना का उद्देश्य सिमांडौ परियोजना को वैश्विक स्तर से जोड़ना है। इसके साथ ही गिनी गणराज्य के लोगों के लिए यह एक अवसर प्रदान करना हैं।

गिनी गणराज्य के लिए निकला पहला इंजन :

पीएम के हरी झंडी के बाद पहला सिम्फर लोकोमोटिव उत्पादन लाइन से निकल गया अब यह गिनी गणराज्य की ओर अग्रसर है। यह लोकोमोटिव गिनी गणराज्य के ट्रांसगिनी रेलवे परियोजना खदान से उच्च-ग्रेड के लौह अयस्क को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सहायक साबित होगा। इस आधुनिक इंजन के निर्माण में लगे अमेरीकी कम्पनी वेबटेक कॉर्पोरेशन लोकोमोटिव के योगदान और इस अद्वितीय परियोजना में निभाई जा रही इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हैं।

वैश्विक पहचान में टीम की भूमिका महत्वपूर्ण :

यह लोकोमोटिव वैश्विक टीम की मेहनत का नतीजा है। इस लोकोमोटिव को सिमांडौ प्रोजेक्ट के लिए खास तौर पर डिजाइन और बनाया गया है। ये इंजन खनिजों के ढुलाई और निर्यात में मदद करेंगी। इससे गिनी गणराज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और यह लोकोमोटिव इंजन इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर के जरिए लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगी।

सिमांडौ की पहाड़ों में मिलता है सबसे अच्छा लौह अयस्क :

ऐसा माना जाता है कि सिमांडौ के पहाड़ के जमीन के नीचे दुनिया के सबसे अच्छी लौह अयस्क पाया जाता है। यहां लगभग 1.5 अरब टन उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मौजूद है। इस प्रोजेक्ट में 600 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन भी बनाई जा रही है। जो खदान को गिनी के फोरेकारियाह इलाके को तटीय बंदरगाह से जोड़ेगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय निवेश और ढांचागत विकास, गिनी के लिए आर्थिक विकास और बदलाव का बड़ा मौका है। इस परियोजना के लिए सारण जिला के मढ़ौरा स्थित अमेरीकी कम्पनी वेबटेक कॉर्पोरेशन से 4500 हार्स पावर की इंजन की सप्लाई की जाएगी ।

143 इंजन अफ्रीकन देश गिनी को होगा सप्लाई :

मढ़ौरा रेल डीजल इंजन फैक्ट्री को पहली बार विदेशी आर्डर मिला है। इसके तहत इस फैक्ट्री से अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य को 4500 हॉर्स पावर के करीब 143 अत्याधुनिक रेल डीजल इंजन सप्लाई होगा। मढ़ौरा रेल फैक्ट्री भारतीय रेल और अमेरिकी कंपनी वेबटेक की संयुक्त उपक्रम है। यह फैक्ट्री मेक इन इंडिया के तहत यहां स्थापित की गई है। यह फैक्ट्री बेहतर इंजन निर्माण के कारण वैश्विक पहचान बना रही है।

इंजन का रंग और डिजाइन है विशेष :

जिला के मढ़ौरा में अफ्रिकी देश गिनी गणराज्य के लिए बन रहा 4500 हॉर्स पावर रेल इंजन कॉमा विशेष है। इस इंजन का नीला, फिरोजी रंग विशेष है जो इसे अलग लूक प्रदान करता है। अफ्रीकी देश गिनी में नीले रंग का विशेष महत्व रहा है। यह रंग अफ्रीकी देश गिनी के राष्ट्रीय झंडे का भी हिस्सा है। सनातन संस्कृति में नीला रंग को शांति, विश्वास और स्थिरता का परिचायक माना जाता है। गिनी में नीला रंग पृथ्वी और समुद्र का प्रतिनिधित्व करता है। यह रंग शांति, समृद्धि और सद्भाव को जोड़ता है। इन्ही कारणों से अफ्रीकी देश गिनी की मांग पर मढ़ौरा से निर्यात कोमा नामक इस लोकोमोटिव इंजन का रंग विशेष तौर पर नीला रखा गया है ।