पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा चिरांद : प्रमोद कुमार
▶गंगा महाआरती में शामिल हुए पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने की घोषणा-:
#जिला प्रशासन को डीपीआर तैयार करने का दिया निर्देश


#दिग्विजय सिंह बबलू की रिपोर्ट :
डोरीगंज (सारण):
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पुरातात्विक—ऐतिहासिक—धार्मिक नगरी चिरांद में 11वें वर्ष आयोजित गंगा महाआरती में इसका पुण्य फल जैसे चिरांद को प्राप्त हो गया। गंगा महाआरती मंच का उद्घाटन करने के बाद बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की न सिर्फ घोषणा की, अपितु चिरांद विकास परिषद् के सचिव श्रीराम तिवारी की जिद के बाद तुरंत ही जिला प्रशासन को इसके लिए डीपीआर तैयार करने का मंच से ही निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से यह महाआरती सरकार स्वयं कराएगी। बाहर से आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए यहां भवन का निर्माण कराया जाएगा। गंगा घाट से एनएच तक के मार्ग को सुदृढ किया जाएगा और वैसी सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी जो पर्यटकों के लिए जरूरी हैं।

पर्यटन मंत्री ने काशी से आए आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन किया। इसके बाद एक घंटे तक चलने वाली आरती में शामिल रहे। मंच से पर्यटन मंत्री ने जैसे ही इस क्षेत्र के विकास की घोषणा की, चिरांद विकास परिषद् के सचिव श्रीराम तिवारी ने माइक संभाल ली और शिकायत की कि पिछले वर्ष इसी कार्यक्रम में स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने इस बात की घोषणा की थी लेकिन हुआ कुछ नहीं।

स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि कुछ करना है तो मांग की दिशा में ठोस कार्यवाही करें, न कि घोषणा। करीब 80 हजार की भीड़ ने भी इसमें हामी भरी तो मंत्री ने तत्काल मंच से ही परिषद् को लिखित आश्वासन दिया कि वे सारी मांगें पूरी करेंगे। इसके साथ ही डीपीआर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीपीआर बनते ही उसे स्वीकृत कर काम शुरू करा दिया जाएगा। यदि उन्हें इस बात की जानकारी पूर्व में हुई होती तो इसी वित्तीय वर्ष में यह काम हो गया होता। मंत्री के लिखित आश्वासन पर परिषद समेत चिरांदवासियों ने उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह, अमनौर विधायक शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा, छपरा विधायक डा. सी एन गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश तिवारी, जगदम काॅलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. के के द्विवेदी, गंगा समग्र के अमरेन्द्र सिन्हा उर्फ लल्लू जी, भाजपा के पूर्व विधायक ज्ञानचंद मांझी, विशुनपुरा की मुखिया सरिता सिंह, चिरांद विकास परिषद के संरक्षक नागा बाबा, मुख्य वक्ता राजर्षि गांगेय हंस, पौधरोपण अभियान के संयोजक संजीव यादव आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
बता दें कि चिरांद पुरातात्विक रूप में कश्मीर के बुर्जहोम के सदृश है। यहां हुई खुदाई में कई संस्कृतियों के अवशेष मिले हैं जिसके बाद पुरातत्व निदेशालय ने इस क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है। चिरांद विकास परिषद् की पहल से यहां थिमेटिक पार्क भी तैयार हो रहा है। अब मंत्री की घोषणा से इस क्षेत्र के पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होने की
लोगों की उम्मीद और बढ़ गई है। यदि यह क्षेत्र पर्यटन क्षेत्र बनता है तो यहां बालू व्यवसाय ठप होने से बेरोजगार हजारों मजदूरों को रोजगार भी मिल सकेगा।