गंगा महाआरती : चिरांद में साकार हुआ हरिद्वार-काशी
▶आयोजन के 11वें वर्ष काशी से आए 11 आचार्यों ने कराई महाआरती
▶चिरांद स्थित बंगाली बाबा घाट पर हजारों की भीड़ हुई शामिल
▶शाम में आरती, रातभर सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद सुबह गंगा स्नान कर घर लौटे लोग


#दिग्विजय सिंह बबलू की रिपोर्ट :)00
डोरीगंज(सारण):
हर वर्ष गंगा दशहरा सप्ताह में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आयोजित होने वाली गंगा महाआरती में गंगा तट पर श्रद्धालुओं के रूप में मानो भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति भी ऐसी कि मानों गंगा की लहरों के साथ बह जाने को आतुर। करीब 80 हजार की भीड़ यूं शांत मानों उनका कोलाहल मां गंगे को अच्छा न लगेगा। आयोजन के 11वें वर्ष में काशी से आए 11 बटुकों ने जब महाआरती शुरू की तो कुछ ऐसा ही दृश्य था बंगाली बाबा घाट पर। मानों समय कुछ पल के लिए ठहर गया। लोग सुध—बुध खो बैठे। हर कोई मां गंगा का हो चला…। महाआरती के बाद रात्रिभर जागरण करते हुए श्रद्धालुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया और फिर बुधवार की सुबह गंगा स्नान कर घर लौटे।

चिरांद स्थित बंगाली बाबा घाट पर आयोजित गंगा महाआरती व गंगा बचाओ संकल्प समारोह के मंच का उद्घाटन बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरिकेश, अमनौर विधायक शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा, छपरा विधायक डा. सी एन गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश तिवारी, जगदम काॅलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. के के द्विवेदी, गंगा समग्र के अमरेन्द्र सिन्हा उर्फ लल्लू जी, भाजपा के पूर्व विधायक ज्ञानचंद मांझी, विशुनपुरा की मुखिया सरिता सिंह, चिरांद विकास परिषद के संरक्षक नागा बाबा, मुख्य वक्ता राजर्षि गांगेय हंस, पौधरोपण अभियान के संयोजक संजीव यादव ने आदि गणमान्य ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने मां गंगा और चिरांद की पावन भूमि को नमन किया और महाआरती को दिव्य—अलौकिक क्षण बताते हुए स्वयं को उसमें शामिल करने के लिए चिरांद विकास परिषद का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना हमारा दायित्व है। अगले साल से इस महाआरती को विभाग अपने स्तर से कराएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए जरूरी सारी चीजें विकसित की जाएंगी। उन्होंने चिरांद विकास परिषद् के साथियों से कहा कि वे अब तक चिरांद के विकास के लिए तत्पर रहे हैं, अब इस मुहिम में वे भी उनके साथ हैं। साथ मिलकर चिरांद को पर्यटन और विकास के रास्ते पर ले चलेंगे। चिरांद विकास परिषद् की ओर से मंत्री को मंच पर ही एक मांगपत्र दिया गया, जिसे पूरा किए जाने का उन्होंने लिखित आश्वासन दिया। इन मांगों में चिरांद को पर्यटन स्थल घोषित करने, पर्यटकों के लिए भवन निर्माण, राजा मोरध्वज के किले को संरक्षित करने, चिरांद घाट से एनएन को जोड़ने वाले संपर्क पथ का निर्माण, अगले वर्ष से गंगा महाआरती के आयोजन को पर्यटन विभाग की तरफ से कराए जाने आदि मांगें शामिल रहीं। पर्यटन मंत्री ने मंच पर ही सभी मांगों पर अपनी मोहर लगाते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से डीपीआर तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए जितनी राशि की आवश्यकता होगी, सरकार खर्च करने में पीछे नहीं हटेगी।


#सांस्कृतिक कार्यक्रम-
महाआरती के बाद गंगा की लहरों पर ठिठकी नावों पर बनाए गए सांस्कृतिक मंच से सुर—संगीत की धारा बही। धनंजय मिश्रा की टीम ने अपनी स्वर साधना से श्रोताओं का मन जीत लिया। टीम ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इसके बाद कुमारी निकिता, मीनू मिश्रा, आशिष कुमार, राजेश कौशिक ने भी एक से बढ़कर एक भक्ति गीत गाए। तबला पर प्रभार ने संगत किया।
चिरांद विकास परिषद् के संरक्षक श्रीकृष्ण गिरि नागा बाबा ने गंगा महाआरती के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त व्यक्त किया है। वहीं परिषद् के सचिव श्रीराम तिवारी ने सभी स्वयंसेवकों का आभार जताया जो कई दिनों से दिन—रात इसके लिए लगे हुए थे। आयोजन में प्रमुख रूप से मुरली मनोहर तिवारी, डोरीगंज थानाध्यक्ष, कपिलदेव, मोहन पासवान, रघुनाथ सिंह, जयमंगलजी, राधेश्याम चौधरी, मनोज कुमार राय, सुभाष महतो, मोहन पासवान, रामदयाल शर्मा, देवेशनाथ दीक्षित, दिलीप राय, उमेश प्रसाद, रासेश्वर सिंह, रोहित तिवारी, अरुणजी समेत तमाम साथियों का परिषद् सचिव श्रीराम तिवारी ने आभार जताया है।