दैनिक खोज खबर/छपरा। रविवार को छपरा स्थित डीआरसीसी परिसर में 220 नवचयनित प्रधानाध्यापकों (एचएम) को नियुक्ति पत्र, पदस्थापन पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए गए। रविवार को सुबह से ही दस्तावेज सत्यापन व नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई। जैसे ही नवचयनित प्रधानाध्यापकों को उनका बहुप्रतीक्षित नियुक्ति पत्र मिला, उनके चेहरों पर आत्मविश्वास व खुशी की झलक स्पष्ट दिखाई दी। कई शिक्षकों ने इस ऐतिहासिक क्षण को परिजनों के साथ तस्वीरों में कैद किया।इस दौरान आरडीडीई राजदेव राम ने कहा कि प्रधानाध्यापक का पद एक साधारण जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने का कार्य है। उन्होंने सभी नवचयनित एचएम को विभागीय नियमों का पालन करने, ईमानदारी से कार्य करने और विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी।

नियुक्ति में रही पारदर्शिता व सतर्कता :

स्थापना डीपीओ धनंजय पासवान की देखरेख में पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रही। वितरण स्थल पर कुल 6 काउंटर बनाए गए थे, जिनमें से एक विशेष रूप से प्रधानाध्यापकों के लिए आरक्षित था।

आरडीडीई कार्यालय ने यह स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी अभ्यर्थी का दस्तावेज़ पुलिस सत्यापन में असत्य पाया गया या फर्जी प्रमाणपत्र मिला, तो उसकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। साथ ही अब तक दिए गए वेतन की वसूली की जाएगी और विधिक कार्रवाई भी होगी। सभी नवचयनित प्रधानाध्यापकों को दहेज न लेने और न देने संबंधी घोषणा-पत्र भी जमा करना अनिवार्य है।

1207 प्रधान शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र :

सारण प्रमंडल के 1207 नवचयनित प्रधान शिक्षकों को रविवार को डीआरसीसी परिसर में नियुक्ति पत्र, पदस्थापन पत्र और अन्य दस्तावेज प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम में डीईओ निशांत किरण, स्थापना डीपीओ धनंजय पासवान व माध्यमिक डीपीओ अजीत अमर हरिजन की उपस्थिति रही। इस दौरान स्थापना कार्यालय के प्रधान लिपिक मनोज कुमार, निरोज कुमार व शशिभूषण सिंह आदि ने वितरण व्यवस्था को मजबूती से संभाला। पांच काउंटरों पर प्रधान शिक्षकों और एक काउंटर पर प्रधानाध्यापकों को पत्र सौंपे गए। हर काउंटर पर लिपिकों व कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती थी।बहरहाल, शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई शिक्षक 21 से 26 जुलाई के बीच विद्यालय में योगदान नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति रद्द मानी जाएगी।