छपरा: बिहार इप्टा के राज्यस्तरीय नाट्योत्सव “सच का रंगमंच : रंगों और विचारों का उत्सव” के लिए छपरा इप्टा के नाटक “द लास्ट क्राई” का चयन किया गया है। यह नाटक पर्यावरण संरक्षण पर आधारित है, जिसे डॉ० अमित रंजन ने लिखा, निर्देशित और डिज़ाइन किया है। सहरसा में 02 से 04 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस भव्य नाट्योत्सव में छपरा की टीम 03 अक्टूबर को अपनी कला का प्रदर्शन करेगी। इस नाटक में सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चाँदमारी के ढाई दर्जन से अधिक किशोर रंगकर्मी भाग ले रहे हैं।

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मुख्य विशेषताएँ और हाइलाइट्स

  • नाटक का विषय: पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकार।
  • लेखक एवं निर्देशक: डॉ० अमित रंजन।
  • प्रतिभागी कलाकार: सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चाँदमारी के दर्जनों किशोर रंगकर्मी।
  • प्रशिक्षक: कुमार सुमित (रानाविस, सिक्किम के स्नातक एवं नाट्य-अनुसंधानकर्ता)।
  • समन्वयक: सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी।

दो दिवसीय नाट्य कार्यशाला संपन्न

नाटक की बेहतरीन प्रस्तुति के लिए छपरा इप्टा की ओर से सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चाँदमारी के परिसर में दो दिवसीय प्रोडक्शन ओरिएंटेड थिएटर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया:

  • अभिनय की बारीकियां और शरीर की अभिव्यक्ति
  • स्वर, उच्चारण और संवाद अदायगी
  • दृश्य संरचना और मंच पर प्रस्तुति का तरीका
  • रंगमंच और समाज के परस्पर संबंध

वक्ताओं के विचार

डॉ० अमित रंजन (निर्देशक): “रंगमंच केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को समझने, सवाल उठाने और सकारात्मक बदलाव की चेतना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।”

कुमार सुमित (प्रशिक्षक): “कार्यशाला का उद्देश्य केवल अभिनय सिखाना नहीं, बल्कि कलाकारों को पूरी नाट्य-प्रक्रिया से जोड़ना है। शरीर, स्वर, संवाद और सामूहिकता के समन्वय से ही प्रभावी रंगमंच तैयार होता है।”

सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी (समन्वयक): “छपरा इप्टा लगातार नई पीढ़ी को रंगमंच से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इससे बच्चों और किशोरों में सामूहिकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।”

महत्वपूर्ण प्रदर्शन तिथियाँ

  1. प्रथम मंचन: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर 23 सितंबर 2026 को शाम 6:00 बजे, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, चाँदमारी, छपरा के ऑडिटोरियम में।
  2. राज्यस्तरीय मंचन: 03 अक्टूबर 2026 को सहरसा में आयोजित बिहार इप्टा के राज्यस्तरीय नाट्योत्सव में।