
संजय पांडे/छपरा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा छात्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने सकारात्मक पहल करते हुए छात्रों से वार्ता की। वार्ता के दौरान कुलपति महोदय द्वारा समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया था।इसी क्रम में 18 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन जारी करते हुए अभाविप द्वारा उठाई गई मांगों को स्वीकार किया गया है तथा उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की बात कही गई है।

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विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या प्रशासन का विरोध करना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिखित रूप से मांगों को स्वीकार करना छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक आंदोलन की सकारात्मक उपलब्धि है।
अभाविप ने कहा कि अब परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के आधार पर मांगों के वास्तविक क्रियान्वयन की निगरानी करेगी, ताकि आश्वासन केवल कागज तक सीमित न रहे और छात्रों को धरातल पर इसका लाभ मिले।




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