
ताप तीन प्रकार के होते है दैविक,दैहिक और भौतिक :जयराम जी महाराज
#धर्मेन्द्र कुमार/तरैया :
दैविक ताप, दैहिक ताप और भौतिक ताप, इन तीनो तापों से बचने के लिए ठाकुर जी अर्थात भगवान का नाम लेना होगा।उक्त बातें तरैया प्रखण्ड के अमरनाथ सिंह के आवास पर आयोजित संगीतमय भागवतकथा के प्रथम दिन भागवत कथा के शुभारंभ में जयराम जी महाराज ने कहा।उन्होंने का की बाढ़, भूकम्प जैसे प्राकृतिक आपदा दैविक ताप है।फोड़ा,फुंसी,बुखार ये सब दैहिक ताप है।तथा डर-भय भौतिक ताप है।इन सबो से बचने के लिए भगवान के नाम का जाप करना होगा।भगवान का नाम मात्र लेने से ही इन तीनो तापों का नाश हो जायेगा।उन्होंने कहा कि जहाँ भी भागवत कथा शुरू होता है वहाँ पहले श्रोता के रूप में हनुमान जी पहुँच जाते है।कथा लेने के लिए हमारे शरीर का शुद्ध होना आवश्यक है।हमारे शरीर मे पहले से क्रोध, ईष्या, भेद भाव जैसे कई विकार भड़े हुए है।पहले इन विकारों को मन से निकलकर मन को शुद्ध करना होगा तब हम कथा को ग्रहण कर सकते है।प्रथम दिन प्रारम्भ आरती अमरनाथ सिंह ने किया।उक्त मौके पर दूरदर्शन गायक अणु लाल,मितेन्द्र सिंह,प्रमुख प्रतिनिधि गणेश सिंह,नंदकिशोर सिंह,राजू सिंह सहित अन्य मौजूद थे।




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