काम के मामले में बात करने रेल फैक्ट्री पहुंचे आन्दोलनकारी,अधिकारीयों ने कहा अब नहीं है जॉब

मढ़ौरा रेल डीजल इंजन फैक्ट्री का मामला

मढ़ौरा(सारण):रेल डीजल इंजन कारखाना में शुरू हुये अनिश्चितकालीन धरना को जीन तीन मुद्दों पर सहमती बनी थी उसमे एक मुद्दा स्थानीय लोगों को रोजगार मामला फिर से लटक गया I तय तिथि पर आन्दोलन से जुड़े लोग रेल इंजन निर्माण कम्पनी के अधिकारीयों से बात करने पहुंचे लेकिन निर्माण कंपनी ने जॉब को लेकर ना कह दिया I कंपनी के अधिकारीयों ने कहा कि कंपनी के पास अधिकतम जॉब खत्म हो चुके है I ऐसे में स्थानीय लोगों को जॉब उपलब्ध करना संभव नहीं है I आन्दोलन से जुड़े लोग कंपनी के अधिकारीयों से मिले जबाब से एक बार फिर से उखड़ गये और इसे समझौते से उलट बाताया I मामला को उल्टा पड़ता देख निर्माण कम्पनी के अधिकारीयों बातचीत को अगले मंगलवार तक टाल दिया I अब मंगलवार को निर्माण कम्पनी के अधिकारी फिर आन्दोलनकारी के साथ बात करेंगे और जॉब के मुद्दे पर पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे I

रोजगार पर बातचीत के लिये तय हुई थी तिथि

धरना और बाद में समझौता के मुद्दे में शामिल रहे स्थानीय युवकों को रोजगार के मुद्दे पर बातचीत के लिये निर्माण कंपनी ने तिथि तय की थी I बातचीत के लिए आन्दोलनकारी में शामिल पूर्व मुखिया परमात्मा राय, कामरेड रामबाबू सिंह,राजेश यादव,संतोष राय,सकलदेव राय पहुंचे थे I मुखियां प्रतिनिधि हर्षवर्धन दीक्षित बीमार होने के कारण वार्ता में शामिल नहीं हो सके I पहले तो कम्पनी के अधिकारीयों ने आन्दोलनकारियों को वार्ता के लिए चार बजे के बाद बुलाया I जब पहुंचे तो काम देने के मुद्दे पर अधिकारीयों ने रूचि नहीं दिखाई और साफ साफ कह दिया की मढ़ौरा कारखाना में 95 प्रतिशत जॉब समाप्त हो चुकी है I इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों को काम देने का अब बहुत स्कोप नहीं है I जबाब से आन्दोलन से जुड़े लोग उखड़ गये इससे स्थिति बिगड़ते लगी तो अधिकारीयों ने बातचीत को मंगलवार तक के लिए टाल दिया I वार्ता में अमेरिकी कम्पनी कंपनी के एचआर हेड श्री प्रकाश श्रीवास्तव, आलोक कुमार और राजेश रंजन शामिल थे I

आन्दोलन से जुड़े लोगों ने कहा कम्पनी नहीं देना चाह रही है रोजगार-

आन्दोलन के नेता परमात्मा राय ने कहा कि रेल इंजन पर मढ़ौरा का नाम,स्थानीय युवकों को रोजगार और बकाया मुवाबजा का भुगतान के मुद्दे पर आन्दोलन शुरू हुआ था I 20 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ तब एसडीओ विनोद कुमार तिवारी के पहल पर कम्पनी के अधिकारीयों ने सभी मुद्दे पर अपनी सहमति दे दी थी I नाम के मामले में तीन माह का समय लिया गया था I रोजगार को लेकर शनिवार को वार्ता की बात कही गई थी I वार्ता के लिये प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर टालने जैसी बात की गई जो पूरी तरह से गलत है I अगली तिथि मंगलवार को अगर निर्णायक बातचीत नहीं होती तो फिर से सबकी सहमति लेकर आन्दोलन शुरू किया जायेगा

# साभार – संजीव कुमार , दैनिक भास्कर मढ़ौरा सारण