मढ़ौरा (सारण ) । संजय गांधी कालेज नागरा में शुक्रवार को इलेक्ट्रो होमियोपैथी पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया । सेमिनार का विषय वर्तमान समय में इलेक्ट्रो होमियोपैथ का महत्व था । सेमिनार का उद्घाटन डा महात्मा प्रसाद गुप्ता, दुर्गा दयाल प्रसाद और रामबाबू सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जला कर किया । मुख्य अतिथि डा कन्हैया शर्मा रहे जबकि विशिष्ठ अतिथि डा अब्दुल फिरोज और द उमेश कुमार रहें ।
सेमिनार को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि डा कन्हैया शर्मा ने कहा कि डा काउंट सीजर मैट्टी ने 1865 में इलेक्ट्रो होमियोपैथ की खोज कर के इसे प्राकृतिक पैथी के रूप में स्थापित किया । उन्होने कहा था कि व्यक्ति में रस और रक्त की गड़बड़ी से रोग होता है जिसे इलेक्ट्रो होमियोपैथी बिना किसी साइड इफेक्ट के ठीक कर देता है। इसी तरह अन्य चिकित्सको ने भी इलेक्ट्रो होमियोपैथ के महत्व पर चर्चा करते हुये इस पैथी को नेचुरोपैथ की तरह का पैथ बताया । सेमिनार के प्रारंभ में आयोजक दयाल इलेक्ट्रो होमियोपैथ मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो डा रजाक हुसैन द्वारा आगत अतिथियों का स्वगट किया गया । अध्यक्षता प्रो रजाक हुसैन ने किया । सेमिनार को द रूपेश कुमार सिंह, डा जितेंद्र कुमार, डा समीर कुमार, डा रमेश कुमार, डा परमा, डा विमलेश कुमार, डा सुबोध और डा सुरेंद्र ने भी संबोधित किया ।