अमनौर(सारण)।प्रखंड में बाढ़ के कहर से तीन दर्जन से अधिक गांव बुरी तरह प्रभावित हो गये हैं.वही शुक्रवार को सांसद राजीव प्रताप रूडी के पैतृक निवास तक बाढ़ का पानी पहुंच गया।जबकि एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. अमनौर- तरैया मुख्य पथ एसएच 104 अमनौर सुल्तान गांव के पास जहां चार फीट ऊपर तक पानी बह रहा है. वहीं अमनौर-भेल्दी मुख्य पथ बान्दे गांव के पास एक फीट तक ऊपर पानी बह रहे हैं .जिससे आवागमन बाधित हो गया है.बाढ के कारण सैकड़ों घरों में पानी घुस गए है. जनजीवन अस्त व्यस्त हो गए हैं.जिस कारण लोग दहशत में है. बाढ से प्रभावित लोग सुरक्षित स्थान तथा अपने रिश्तेदार को पलायन करने को लेकर विवश हैं. वहीं सैकड़ों की संख्या में लोग विस्थापित केन्द्रो पर शरण लिए हुए हैं. सैकड़ों घरों मेंं जहां पानी घुस गए हैं वहीं हजारों एकड़ की फसल पानी में पूरी तरह डूब गया है. जिससे लोगों में चिंता की लकीरें खिंच गई है. जिस कारण बाढ पीडितों के सामने आवागमन, खानपान व पशुओं के चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है.  मही नदी केे पानी का तेेेज बहाव के कारण नदी किनारे के गांव अमनौर सुल्तान, धर्मपुर जाफर, खासपट्टी – बलहा ,शेखपुरा, फिरोजपुर,सलखुआ, शेखपुरा , झखड़ा ,  बलडीहां, झखड़ी , बिशुनपुरा , पकड़ीडीह , मनोरपुर , हुस्ससेपुर , मोहना, पैगा  के नीचले हिस्से में पानी का बहाव तेजी से हो रहा है. वहीं परशुरामपुर, मकसुदपुर, डवर छपरा,मधुबनी,कुआरी, बगही ,गोसी
अमनौर, पुरैना, शाहपुर, अनंतपुर ,बसतपुर,खोरीपाकर गोविंद सहित दर्जनों गांवों में पानी अपना कहर ढा़ रहा है. बाढ़ से प्रभावित लोगों का आरोप है कि एक तरफ जहां कोरोना महामारी का डर सता रहा है. वहीं दूसरी ओर बाढ़ से बुरी तरह तबाह हो गए हैं. अपनी व अपने परिवार बाल-बच्चे की जींदगी बचाने में जूटे है. मगर स्थानीय प्रशासन को जिस प्रकार सहयोग करनी चाहिए वैसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है.