• मानव-मूल्यों की रक्षार्थ उनकी कथाएं आज भी प्रासंगिक

मांझी(सारण)बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा”विकल्प” की जिला शाखा छपरा के बैनर तले महान साहित्यकार, उपन्यासकार, कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती दाउदपुर स्थित शहीद स्मारक पुस्कालय के परिसर्च मे मनाई गई। जिसकी अध्यक्षता मोर्चा के अध्यक्ष केदारनाथ शर्मा ने की। जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए किसान नेता का.अरूण कुमार ने कहा कि प्रेमचंद किसान, मजदूर, शोषित, पीडितों के मजबूत हस्ताक्षर थे। “विकल्प”के राज्य उपाध्यक्ष उदय शंकर गुड्डू ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं मानव मूल्यों की रक्षार्थ आज भी प्रासंगिक हैं.।उनकी कथाओं के पात्र आज भी हाशिये पर हैं। वहीं वर्तमान परिदृश्य में प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता विषय पर विचार गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रुप में संबोधित करते हुए शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष शारदानंद सिंह ने कहा कि जिस सपने को लेकर प्रेमचंद ने अपनी कलम चलाई थी। वह सपना आजादी के लगभग 75 वर्षों के बाद भी अधूरा है। आज भी प्रेमचंद का घीसू, माधव रोजी-रोटी के लिए भटक रहे हैं। आज भी प्रेमचंद की रचनाएं जनता को व्यवस्था के प्रति विद्रोही बनाती है। उनकी रचनाओं को आम आदमी के बीच ले जाने की जिम्मेदारी कला एवं साहित्यि से जुड़े साथियों के कंधों पर है। कार्यक्रम को शिक्षक नेता डॉ राजेश यादव, शिवनाथ पुरी, स्मारक समिति के सचिव सुमन गिरि,राजद नेता अभय गोस्वामी,कन्हैया यादव,का.चन्द्रमा राय, रजनीश सिंह, लालबाबू प्रसाद सहित विकल्प से जुड़े सदस्यों ने अपना विचार व्यक्त किया। समापन “हम होंगे कामयाब एक दिन,के बीच स्वस्थ संस्कृति का निर्माण करे,जनता की संस्कृति जिन्दाबाद से हुई।