छपरा/एकमा (सारण)। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भोजपुरी जंक्शन पत्रिका के संपादक, अचीवर्स जंक्शन के निदेशक व सुप्रसिद्ध युवा कवि मनोज भावुक को भोजपुरी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र, ले. जनरल श्रीकृष्ण सिंह व भोजपुरी समाज, दिल्ली के अध्यक्ष अजीत दुबे ने संयुक्त रूप से दिया है। श्री भावुक एकमा नगर पंचायत बाजार के राहुल नगर निवासी शिक्षाविद प्रो. राजगृह सिंह व आकाशवाणी सहित दूरदर्शन के लोक गायक कलाकार राजनाथ सिंह राकेश के भांजे व सारण प्रमंडल के सीमावर्ती सिवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के कौसड़ गांव के रामदेव सिंह व सुनयना सिंह के सुपुत्र हैं।
इसकी जानकारी देते हुए स्थानीय लोक गायक रामेश्वर गोप ने बताया कि दिल्ली में आयोजित सम्मान कार्यक्रम के अवसर पर मनोज भावुक के अलावा जिन विभूतियों को सम्मानित किया गया, उसमें दुर्गा शंकर मिश्र, ले. जनरल श्रीकृष्ण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्र व फूलसूंघी उपन्यास के अंग्रेजी अनुवादक गौतम चौबे शामिल हैं।
इस सम्मान से सारण का मान बढाने वाले श्री भावुक को शिक्षाविद प्रो राजगृह सिंह, प्रो अजीत कुमार सिंह, भूपेंद्र प्रसाद सिंह, लोक गायक रामेश्वर गोप, समाजसेेेवी डॉ सत्यदेव प्रसाद यादव, वीरेंद्र कुमार यादव, एकमा विधायक श्रीकांत यादव, स्नातक एमएलसी डॉ वीरेंद्र नारायण यादव, डॉ लालबाबू यादव, सारण स्थानीय निकाय एमएलसी के भावी प्रत्याशी सुधांशु रंजन, पत्रकार के. के. सिंह सेंगर, अमित सिंह, वीरेश सिंह, संजय पांंडेय, सत्यानंद पांंडेय, प्रशांत भारती, भाजपा नेता मुकेश कुमार सिंह, जयकिशोर सिंह, विभूति नारायण तिवारी, प्रदीप कुमार सिंह पप्पू, अधिवक्ता बजरंग बहादुर सिंह, अमित कुमार सिंह, राजनाथ सिंह राकेश, भजौना – नचाप पंचायत के भावी मुखिया प्रत्याशी धनंजय सिंह, निरोज सिंह आदि ने हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी है।
विदित है कि मनोज भावुक ने इस कोरोना काल में भी एक साल में पत्रिका के 24 अंक निकाले। जिसमें 20 अंक विशेषांक है। महात्मा गाँधी, भगवान राम, कुंवर सिंह, डा. राजेन्द्र प्रसाद, फगुआ, चइता, छठ, दशहरा, कोरोना, चीन के विरुद्ध मुहिम, सिनेमा, दिवंगत साहित्य सेवी और गिरमिटिया आदि पर विशेषांक निकालकर इस पत्रिका के संपादक मनोज भावुक ने इतिहास रचा है।
मनोज भावुक 25 वर्षों से भोजपुरी भाषा की सेवा कर रहे हैं। लगभग एक दशक तक अफ्रीका एवं यूके में बतौर इंजिनियर सेवा देने के बाद मनोज पूरी तरह मीडिया से जुड़ गए और ज़ी टीवी, टाइम्स नाउ, महुआ, अंजन और हमार टीवी समेत अनेक चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम किया। आप जी टीवी के लोकप्रिय रियालिटी शो सारेगामापा (रीजनल) के प्रोजेक्ट हेड रहे हैं। कई पुस्तकों के प्रणेता हैं। टीवी एंकर और अंतरराष्ट्रीय मंच संचालक हैं। आपने कई फिल्मों और धारावाहिकों में अभिनय किया है। विश्व भोजपुरी सम्मेलन की दिल्ली और इंग्लैंड इकाई के अध्यक्ष रहे हैं। वर्तमान में नारायणी साहित्य अकादमी के महासचिव, भोजपुरी जंक्शन पत्रिका के संपादक, अचीवर्स जंक्शन के निदेशक और कई मीडिया ग्रुप में बतौर कंसल्टेंट सेवा दे रहे हैं। आपको अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
यह कार्यक्रम भोजपुरी समाज दिल्ली एवं विश्व भोजपुरी सम्मेलन संस्था की दिल्ली इकाई के संयुक्त तत्वावधान में ‘भोजपुरी-हमार मां’-मनन मंथन और मंतव्य शीर्षक से आयोजित किया गया। विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजीत दुबे ने कहा कि विगत कुछ समय में भोजपुरी के लिए ऐतिहासिक काम हुआ है। मॉरीशस के 250 सरकारी स्कूलों में भोजपुरी की पढ़ाई शुरू हो गई। मॉरीशस सरकार के अनुरोध पर यूनेस्को ने एक दिसंबर 2016 को कुछ भोजपुरी लोकगीतों को सांस्कृतिक धरोहर में सम्मिलित कर लिया। मगर 5 बार आश्वासन मिलने के बाद भी भोजपुरी को संविधान में स्थान नहीं मिला। यह सोचनीय व चिंतनीय है। ये सरकार, जो सबका साथ सबका विकास नारा दे रही है, वह अपने कर्म से बता रही है कि भोजपुरी का भी कल्याण होगा।
शिक्षाविद प्रो राजगृह सिंह ने कहा है कि भोजपुरी के अगर आगे बढ़ावे के बा तो युवा लोग के आगे आवे के पड़ी। अपनी भाषा को नहीं भूलना चाहिए। भोजपुरी की नींव बहुत मजबूत है, बस, अब महल बनाने की ही आवश्यकता है। ले. जनरल श्रीकृष्ण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्र और मनोज भावुक ने भी अपने भाषण में भोजपुरी के अस्मिता चिंतन और सरकारी मान्यता की पुरजोर मांग की। बताया गया कि कार्यक्रम का संचालन विजय बहादुर सिंह ने किया। आयोजन में भोजपुरी राष्ट्रीय गीत बटोहिया की प्रस्तुति लोक गायिका सीमा तिवारी व उनकी टीम द्वारा किया गया।