सोशल मीडिया की देन : मांझी में “अनुभव जिंदगी का” नाम से संचालित वाट्सएप्प ग्रुप को समाजसेवी संस्था जैसी मिली पहचान

मांझी (सारण)। सोशल मीडिया की महत्ता को लेकर इसके पक्ष-विपक्ष में लंबी बहस होती रही है। मांझी में “अनुभव जिंदगी का” नाम से संचालित वाट्सप ग्रुप आजकल सबकी जुबान पर है। यह ग्रुप अब समाजसेवी संस्था का रूप ले चुका है। लगभग चार सौ जागरूक लोगों का समूह एक ही नाम से संचालित दो ग्रुपों में अपनी अपनी सेवा सहायता व सलाह से एक दूसरे को लाभान्वित कर रहे हैं। ग्रुप की खासियत यह है कि जिस अभियान में ग्रुप कदम रखता है उसमें सफलता अवश्य ही मिल जाती है। डेंगू पीड़ित समाजसेवी सिकन्दर का सिलीगुड़ी में इलाज मांझी के लोगों से सहयोग से सम्भव हो सका। किडनी ट्रांप्लान्ट के लिए मांझी के युवक सन्तोष कुमार झुन्नू को लाखों की मदद ग्रुप के एक आग्रह पर सम्पन्न हो गई। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव राजीव कुमार सिंह दम्पत्ति कि दुर्घटना के बाद ग्रुप ने पैसा के साथ साथ ब्लड डोनेट का आह्वान किया और सोशल मीडिया के सहारे यह अनुरोध आंदोलन में परिनत हो गया। लोगों की दुआओ ने उक्त शिक्षक दम्पत्ति को मौत के मुँह से निकालने में भी सफल रहा।
ग्रुप के साथियों के बीच अपनापन का अहसास कराने वाला यह वाट्सप ग्रुप मांझी की धड़कन बन चुका है। ग्रुप एडमिन व पत्रकार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ग्रुप में सख्त अनुशासन बरती जाती है। मांझी में कोई भी सामाजिक धार्मिक आयोजन के अगुआ बनते हैं ग्रुप के सदस्य। बहरहाल यह वाट्सप ग्रुप सरकार तथा समाज का सेतु बन बैठा है।
सोशल मीडिया की देन : मांझी में "अनुभव जिंदगी का" नाम से संचालित वाट्सएप्प ग्रुप को समाजसेवी संस्था जैसी मिली पहचान




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