सिवान :चार सदस्यीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने नप के 38 वार्ड का किया सर्वेक्षण
-#गोपनीय तरीके से की सर्वेक्षण, कई बिंदुओं पर लोगों से की पूछताछ
स्वच्छता संबंधी जागरूकता के लिए नप के द्वारा चलाये जा रहे अभियान से संबंधित कागजात को ले गई साथ में
– भारत सरकार के शहरी आवास मंत्रालय में देगी रिपोर्ट
##परवेज अख्तर
सिवान :
भारत सरकार के शहरी एवं आवास मंत्रालय की स्वच्छता टीम दो दिवसीय दौरे पर सिवान नगर परिषद पहूंची थी। चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को नगर परिषद के 38 वार्डो में जा कर गोपनीय तरीके से लोगों से पूछताछ की। दूसरे दिन भी टीम के सदस्य सुबह में ही नगर परिषद पहूंच गए। केंद्रीय टीम के वरिष्ट मूल्यांकनकर्ता सुनील कुमार नगर परिषद का कार्यालय खुलते ही कार्यालय पदाधिकारी के कक्ष में पहूंच गए। इसके बाद इन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी बसंत कुमार से पहले दिन लिए कागजातों पर बात किया। केंद्रीय टीम के मूल्यांकनकर्ता सुनील कुमार कुछ भी बताने से परहेज करते रहें। इन्होंने कहा कि यह जांच गोपनीय है इसकी जानकारी किसी को नही दी जा सकती है। इसका रिपोर्ट सीधे मंत्रालय को दिया जाएगा। इन्होंने बताया कि इनके साथ तीन और भी सदस्य है जो नगर परिषद के क्षेत्रों में जांच कर रहे है। यह टीम शुक्रवार को शहर में जांच की। वही नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी बसंत कुमार ने बताया कि पूरे देश में चार हजार चार सौ नगर निकाय का स्वच्छता सर्वेक्षण यह टीम कर रही है। सर्वेक्षण के आधार पर रैंकिंग की व्यवस्था है। इस बार सिवान भी इस सर्वेक्षण में शामिल है। पिछली बार इस सर्वेक्षण में बिहार के किसी भी जिला को स्थान प्राप्त नही हुआ था। इन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुए जांच के बारे में बताया कि टीम के द्वारा डोर टू डोर कचरा उठाव, साफ-सफाई, शहर की शौचालय व्यवस्था, व्यावसायिक स्थान पर सफाई, कूड़ा उठाव की व्यवस्था, इसका निस्तारण की व्यवस्था, गीला एवं सूखा कचरा संबंधित कागजातों का जांच की। साफ-सफाई के लिए नगर परिषद के तरफ से जागरूकता अभियान से संबंधित साक्ष्य की जांच पड़ताल, सफाई कर्मी जो सफाई कार्य मे लगे है उनकी उपस्थिति से संबंधित साक्ष्य, ओडीएफ की कागजात संबंधित साक्ष्य की मांग की। शहर में बैनर पोस्टर, सड़क की साफ-सफाई का साक्ष्य टीम ने एकत्रित किया। इस दौरान टीम के अन्य सदस्यों ने वार्डो में जाकर लोगो से पूछताछ की। इसके अलावा किन-किन गाड़ियों से कचरा का उठाव किया जाता है उसका लॉग बुक तथा इन गाड़ियों के ड्राइवर के नाम और लाइसेंस का कागजात मांगा, शहर में होल्डिंग टैक्स जो जमा नही करते है उनको नोटिस किया जाता है कि नही इसका कागजात, कलेक्शन का क्या प्रतिशत है इसका भी कागजात की जांच की तथा इससे संबंधित सभी साक्ष्यों को अपने साथ ले गई जो भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय में जमा करेगी। कार्यपालक पदाधिकारी बसंत कुमार ने बताया कि मार्च में इसका परिणाम आएगा। इसमे एक से लेकर सौ तक का स्थान नगर परिषद को मिलेगा।




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