सांगोद: पशु मेले के आगाज़ मे रही पशुओं कमी,मेले के अस्तित्व का खतरा

फिरोज खान ( Edited by आज़ाद नेब )
सांगोद 26 मई। आज झंडा मेला मैदान में जाने के साथ ही सांगोद पशु मेले का आगाज भी हो गया । लेकिन वर्तमान समय में जब समाज तेजी से आधुनिक दौर में प्रवेश करता जा रहा है । ऐसे में मनोरंजन के कही ऐसे सादन आ गए है जिन से व्यक्ति घर बेटे ही मनोरंजन का आनन्द ले सकता है ऐसे में एक जमाने में भारतीय संस्कृति का परिचायक माने जाने वाले मेले अब बदलते दौर में अपना अस्तित्व खोते जा रहे है । ऐसे ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है सांगोद का पशु मेला क्योकि सांगोद का पशु मेला जाना जाता था मवेशियों के व्यापार के लिए जिन्हें किसान अपने खेतो में कृषि कार्यो में काम लेते थे । उस समय हाड़ोती के तमाम क्षेत्रो से लोग मवेशियों को खरीदने और बेचने के लिए सांगोद पशु मेले में आया करते थे और मेले की छठा देखते ही बनती थी जब मेले में इतने लोगो का आना होता था तो उनके मनोरंजन के लिये दूर दूर के राज्यो से भी मनोरंजन के साधन लेकर लोग सांगोद पशु मेले में पहुचते थे जिनमे सर्कस,मोत का कुआ, जादूगर,भिन्न भिन्न प्रकार के झूले ,बच्चों के लिये तरह तरह की खिलोनो की दुकाने और भी कही तमाम प्रकार की दुकाने लेकिन जब से जीवन ने आधुनिक दौर में प्रवेश किया है तब से मेले अपना अस्तित्व खोने लगे है क्योकि आज मनोरंजन ने डिजिटल रूप ले लिया है और कृषि कार्य में मशीनों ने कब्ज़ा कर लिया है जिससे कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले मवेशी अब अस्तित्व खोते जा रहे है जिनकी जगह आधुनिक मशीनों ने ले ली है ।और यही एक बड़ा कारण है सांगोद के पशु मेले का अस्तिव खोने का । वर्तमान में लगभग तीन सालो से सांगोद पशु मेला केवल औपचारिकता ही साबित हो रहा है यहा ना तो पर्याप्त मात्रा में कोई मवेशी लेकर आता है और ना ही कोई उन्हें खरीदने। ऐसे में पालिका द्वारा मेला परिसर में कही प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन तो करवाए जाते है लेकिन उनमें भी ज्यादा संख्या में लोग नही आते ऐसे में सांगोद का पशु मेला लगातार अपना अस्तित्व खोता जा रहा है जो हमारे भारतीय समाज के लिए एक सोचने का विषय है।
हम जल्द ही सांगोद मेले को किस प्रकार से बचाया जा सकता है इस पर सांगोद के लोगो की राय आप को दिखाएगे। अगर आप में से भी कोई कुछ सुझाव देना चाहता है तो निचे कमेंट करे और हम से संपर्क करे हम उसे आने वाले वीडियो में जरूर जोड़ेगे




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