सारण :परिवार नियोजन के लिए ग्रामीन क्षेत्रो में आशा करेगी सास-बहू सम्मेलन

#सुरभि तिवारी
तरैया:10.04.2018:
ग्रामीण क्षेत्रो में परिवार नियोजन के तरीकों को समझाने के लिए अब प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा फैसिलेटर सास-बहू सम्मेलन करेंगी।उक्त जानकारी रेफरल अस्पताल तरैया में आयोजित साप्ताहिक बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रीनाथ प्रसाद सिंह ने सभी कर्मियों को देते हुए,सभी एएनएम और आशा फैसिलेटर को प्रशिक्षण दिया।अब प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा फैसिलेटर सास-बहू सम्मेलन कर परिवार नियोजन के साथ “अन्न पासन्न”की जानकारी भी ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को देंगी।अन्न पासन्न के तहत छः माह तक के बच्चों को केवल माँ का दूध देने है।तथा जब बच्चा छः माह से अधिक का हो जाता है तो उसे सबकुछ जो घर मे बनता है उसे खिलाना है।परिवार नियोजन के तहत अब सभी उपस्वस्थ्य केंद्रों पर गर्भ निरोधक गोलियां,कॉन्डोम,अंतरा इंजेक्शन,कॉपर टी एवं अन्य प्रसाधन मौजूद रहेंगे।ग्रामीण क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्रों पर कंडोम का स्टॉक लगा रहेगा।ताकि जिसे जरूरत हो निःशुल्क अपने -आप निकाल कर ले जा सके।आशा फैसिलेटर को अपने क्षेत्र में मिलने वाले कालाजार मरीज को शीघ्र अस्पताल पहुँचाएगी।क्षेत्र में किसी भी हाल में कालाजार का एक भी मरीज नही मिलना चाहिए।इसके लिए सभी क्षेत्रों में एसपी छिड़काव किया जा रहा है।जिससे कालाजार के जीवाणु मर जागेंगे।प्रभारी ने कहा कि एसपी छिड़काव के बाद अगर किसी क्षेत्र में कालाजार होता है।तो उस क्षेत्र के छिड़काव कर्मी को हटा दिया जाएगा।तथा फिर उस क्षेत्र के आस-पास के 200 घरों में एसपी छिड़काव किया जायेगा।एसपी छिड़काव की मुनिटिरिंग आशा फैसिलेटर करेंगी।इसके लिए आशा फैसिलेटर को 100 रुपये मिलेंगे।
*आदर्श दम्पति का भी होगा सास-बहू सम्मेलन में चर्चा*
सास-बहू सम्मेलन में आदर्श दम्पति के बारे में भी महिलाओं को जानकारी दी जाएगी।आदर्श दम्पति वह है जिन्हें शादी के दो साल बाद तक बच्चा नही हुआ हो।जिसे दो से अधिक बच्चा नही हो,दो बच्चों में तीन साल का अंतर हो।उसके दम्पति अनचाहे गर्भ से बचने के लिए परिवार नियोजन के साधनों को अपनाता हो।वह आदर्श दम्पत्ति कहलाता है।