
समस्तीपुर:नरहन DBKN कॉलेज परिसर में मिली दर्जनों खाली शराब की बोलतें,खुल रही है शराबबंदी की पोल
#बिकती नहीं शराब पर कॉलेज परिसर में मिलती है शराब की खाली बोतलें
#कॉलेज के प्राचार्य श्यामाकांत झा ने कहा लोकसभा चुनाव कराने आए थे पुलिस जवान वही गटके होंगे शराब!
#कॉलेज परिसर से गर्भ निरोधक दवा की खाली पैकेट व दर्जनों शराब की खाली बोतलें बरामद होने से चर्चाओं का बाजार हुआ गर्म
#रिपोर्ट:केशव बाबू/विभूतिपुर(समस्तीपुर)यूं कहा जाए तो सूबे में पूर्ण शराबबंदी लागू है लेकिन सूबे की सरकार क्या पूर्ण शराबबंदी लागू करवा पाने में सफल है या फिर शराबबंदी महज एक दिखावा बन कर रह गई है? उपरोक्त सवालों के सटीक जवाब से आम जनमानस तक अवगत है लेकिन कोई मुँह खोलने के लिए तैयार नहीं है?अब आइये एक ऐसे ही वस्तुस्थिति से आपको अवगत कराते हैं।विभूतिपुर प्रखंड के नरहन स्थित डीबीकेएन कॉलेज के परिसर में छात्र नेताओं के द्वारा निरीक्षण के दौरान दर्जनों खाली शराब की बोतलें बरामद हुई है।जिसको लेकर चारों ओर चर्चाओं का विषय बना हुआ है।कॉलेज परिसर में मद्य निषेध के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र होने पर भी सवालिया निशान खड़े हुए हैं। आखिरकार कॉलेज परिसर से दर्जनों शराब की बोतल निकलने से कॉलेज के प्राचार्य सहित सभी कॉलेज कर्मियों के लिए सवाल खड़े हो गए हैं?छात्रसंघ कॉलेज अध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि मद्य निषेध वर्जित क्षेत्र होने के बावजूद कॉलेज परिसर से इतनी भारी तादाद में शराब की खाली बोतलें मिलना कॉलेज प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।अब सवाल यह भी उठता है कि जब शराब बिकती नहीं है तो बोतले आ कहां से रही हैं।कॉलेज परिसर में जहां तहां फेंकी गई खाली बोतलें शराब बंदी के दावे की पोल खोल रही है।कॉलेज परिसर के जगह-जगह से लेकर अध्यापक प्रकोष्ठ के खिड़की के सामने से सरेआम बोतलें फेंकी दिखाई दे रही है।बताया जाता है कि शराब पीने वाले पकड़े जाने के भय से खाली बोतलों को सुरक्षित स्थानों फेंक देते हैं। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि आखिरकार कॉलेज परिसर में शराब पीता कौन है?प्रशासन द्वारा नकेल के बाद भी शराब का धंधा फल फूल रहा हैं।भारी संख्या में शराब की खाली बोतल बरामद होने से स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है।बोतल की ढेर देखने के बाद यही लगता है कि शराब के खिलाफ पुलिस व उत्पाद विभाग द्वारा प्रतिदिन नकेल कसने के लिए लगातार की जा रही छापेमारी,शराब की बरामदगी और नशेड़ियों की गिरफ्तारी के बावजूद,यह धंधा फल फूल रहा है।इस बाबत पूछे जाने पर प्राचार्य श्यामाकांत झा ने बताया कि कुछ महीना पहले लोकसभा चुनाव हुए हैं जिसमें कुछ पुलिस जवान कॉलेज परिसर में ठहराए गए थे।लिहाजा, ये बोतलें भी पुलिस कर्मियों ने ही गटकीं होंगी।ऐसे में कानून के रखवालों ने कॉलेज प्रशासन के नाक तले शिक्षा के मंदिर को मयखाना बनाए रखा।लेकिन कॉलेज प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी और कॉलेज प्रशासन भी इस मसले को लेकर मूक दर्शक बना रहा जबकि कायदे से कॉलेज प्रशासन को इसकी शिकायत जिला प्रशासन को करनी चाहिए थी।वहीं दूसरी ओर कॉलेज परिसर की गंदगी व कॉलेज परिसर में बने शौचालय स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोल रही हैं।देशभर में स्वच्छता की अलख जगी हुई है।स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर तमाम हस्तियां इस अभियान से जुड़ी हैं डीबीकेएन कॉलेज नरहन का बना शौचालय स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोल रही हैं। कॉलेज परिसर के पीछे कचरे का ढेर, बदबूदार हवा सब कॉलेज प्रशासन के लिए सवाल खड़ा कर दिया है।वही कॉलेज परिसर से शराब की कुछ खाली बोतलें व गर्भनिरोधक की कुछ दवा के खाली पैकेट मिलने से लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं का बाजार गर्म हो गया है।




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