
संजय विजित्वर (हाजीपुर)-
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री ,युवा बिहार संगत पंगत के सक्रिय सद्स्य तथा चित्रगुप्त सेवा समिति हाजीपुर के संयोजक रंजीत श्रीवास्तव ने लाॅक डाऊन का पालन करते हुए समाज के लोगों के साथ वर्चुअल बैठक कर विरोध प्रकट करते हुए बताया कि
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में सदर अस्पताल बेगूसराय का नामकरण किया गया था और अस्पताल परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। इधर ,सदर अस्पताल प्रशासन ने साजिश के तहद डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का नाम हटा दिया है जो काफी शर्मनाक है। श्री रंजीत ने अपने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि डॉ राजेंद्र प्रसाद बिहार के लिए ही नहीं, वरन् पूरे देश के गौरव रहे हैं और देश के दो बार राष्ट्रपति बनने वाले प्रथम व्यक्ति रहे हैं । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में राजेंद्र प्रसाद के नाम को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। कायस्थ महासभा युवा संभाग संगत पंगत के प्रांतीय सक्रिय सद्स्य, चित्रगुप्त सेवा समिति के संयोजक रंजीत श्रीवास्तव इस मामले को गंभीरता से ली है और समाज के लोगो के साथ इस मामले में बेगूसराय सहित पूरे बिहार ,झारखंड देश में आंदोलन खड़ा करने का निर्णय लिया है । और चेताते हुए कहा है कि यदि नाम नही जोड़ा गया तो अस्पताल प्रशासन के निर्णय को चुनौती माननीय उच्च न्यायालय में भी दी जाएगी ।इस संबंध में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से निवेदन करते हुए कहा है कि तत्काल डॉ राजेंद्र प्रसाद का नाम सदर अस्पताल पर लिखा जाए और जिन अधिकारियों ने उनके नाम को हटाने का दुस्साहस किया है उनके विरुद्ध कड़ी- से -कड़ी कार्रवाई किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि डॉ राजेंद्र प्रसाद की स्मृति से जुड़ा यह मामला बिहार में जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है और तमाम जिलों से सामाजिक संगठनों द्वारा इस पर आवाज उठनी शुरू हो गई है। उन्होंने आशा और विश्वास जतायी है कि नीतीश कुमार इस मामले को गंभीरता से लेंगे और त्वरित कार्रवाई करेंगे ।
बैठक में डॉ प्रवीण ,अनिल कुमार अधिवक्ता ,संजीत कुमार अधिवक्ता ,राकेश रंजन अधिवक्ता, आशुतोष कुमार अधिवक्ता, गणेश श्रीवास्तव, लालगंज ,दिपक श्रीवास्तव, वैशाली , अनील कुमार, महनार, अभिनीत कुमार ,महुआ, ज्ञान प्रकाश वर्मा, गोरौल ,रत्नेश श्रीवास्तव ,भगवानपुर ,अशोक वर्मा, जन्दाहा, मिक्कु श्रीवास्तव, पटेढी बेल्सर, सोनू श्रीवास्तव, चेहराकला, बिक्रम तेतरवे,अक्षय सिन्हा ,राहुल वर्मा, डॉ रंजन प्रतीक यषस्विक,सौरभ वर्मा, पुष्कर सिन्हा, संजीव कुमार बिक्कू ,हरि मुकट, पुनिल गुड्डू संजीत कुमार ,कातिब ,अरबिंद श्रीवास्तव, पराजित वर्मा सहित कई चित्रांशों ने अपने विरोध जताये हैं।




Recent Comments