मांझी(सारण)। वर्ष 2020 के अक्टूबर नवम्बर माह में बिहार विधान सभा चुनाव की सम्भावना के मद्देनजर सभी संभावित प्रत्याशियों ने जनसम्पर्क अभियान शुरू कर दिया है। सम्बन्धित दल के नेता पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर गांव गांव घूम रहे हैं। पिछले चुनाव में तमाम कयासों को पीछे छोड़ पूर्व मंत्री विजय शंकर दुबे लगभग नौ हजार मतों के अंतर से एनडीए समर्थित लोजपा प्रत्यासी केशव सिंह को पराजित किया था। बिहार के दोनों गठबंधन की स्थिति यदि यथावत रही तो दोनों प्रतिद्वंदी एक बार फिर आमने सामने होंगे। बावजूद इसके सभी दलों के लगभग एक दर्जन नेता अपने अपने दल का टिकट पाने के उद्देश्य से अपने राजनीतिक आकाओं के दरबार में हाजिरी लगाने के साथ साथ जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का जीतोड़ प्रयास कर रहे हैं। बिहार में सत्तारूढ़ जदयू की ओर से पूर्व मंत्री गौतम सिंह तथा जिला जदयू महिला सेल की अध्यक्षा माधवी सिंह सीएम नीतीश कुमार से आशीर्वाद प्राप्त होने के दावे कर रहे हैं। जबकि केंद्र में सत्तारूढ़ व बिहार सरकार में शामिल भाजपा के संभावित उम्मीदवारों की फेहरिश्त में अनेक नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें हेमनारायण सिंह राणा प्रताप उर्फ डब्ल्यु सिंह के अलावा शारदानंद सिंह शिवाजी सिंह धर्मेन्द्र सिंह समाज आदि भी अपनी अपनी दावेदारी जता रहे हैं। कई कार्यकर्ता सांसद पुत्र प्रमोद सिग्रीवाल को भी प्रत्यासी बनाये जाने की भी चर्चा कर रहे हैं। उधर मुख्य विपक्षी दल राजद की ओर से पूर्व मंत्री प्रो रविंद्र नाथ मिश्रा जितेंद्र सिंह राय बहादुर सिंह विजय प्रताप सिंह चुन्नू और ई सौरभ सन्नी आदि की दावेदारी की चर्चा हैं। पिछले चुनाव में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाले माकपा नेता डॉ सत्येन्द्र यादव के अलावा रालोसपा नेता ओम प्रकाश कुशवाहा तथा सपा से राम नारायण यादव और बसपा से लक्ष्मण मांझी के चुनाव में कूदने की चर्चा है। हालांकि गठबंधन के इस दौर में टिकट की दौड़ में कौन बाजी मार लेता है यह कहना कठिन है। बावजूद इसके मांझी विधान सभा से दर्जन भर से अधिक प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में कूदने की चर्चा जोरों पर है।