मांझी(सारण)। यूपी बिहार को सड़क मार्ग से जोड़ने वाले जय प्रभा सेतु के उत्तरी मुहाने पर बाढ़ के पूर्व ही कटाव का खतरा मंडराने लगा है। सरयू नदी में पानी बढ़ने के साथ ही कटाव शुरू हो गया है। कटाव बिहार की सीमा में स्थित पाया नम्बर एक के काफी नजदीक पहुंच चुका है। पाया नम्बर एक की सुरक्षा के लिए किए गए बोल्डर पीचिंग का हिस्सा कटाव के मुहाने पर आ पहुंचा है। बावजूद इसके कटाव की गति काफी कमजोर है। इसका प्रमुख कारण यह है कि लगभग पांच सौ मीटर के फासले पर निर्माणाधीन रेलपुल के शेष चार पायों के निर्माण हेतु मिट्टी के बांध से बेरिकेटिंग की गई है ताकि नदी की धारा को टर्न किया जा सके। हालांकि लॉक डाउन की वजह से इस वर्ष रेलपुल के पायों का निर्माण अधर में ही लटक कर रह गया। उधर सरयू में उफान शुरू होते ही रेल पुल के बेरिकेटिंग का बांध टूटना व जल में विलीन होना लाजिमी है। उस स्थिति में नदी की तेज धारा का प्रवाह कटाव को और अधिक प्रबळ बना सकता है तथा जयप्रभा सेतु का मुहाना ध्वस्त हो सकता है। आसपास के लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष सरयू का कटाव रेल पुल के समीप था पर इसबार कटाव का खतरा जयप्रभा सेतु पर मंडरा रहा है।