
• 187 करोड़ की लागत वाला 21 किमी होगा रिविलगंज-बिशुनपुरा बाईपास निमार्ण
• 106 करोड़ की लागत से 9 किलोमीटर गरखा और 83 करोड़ से 7.7 किलोमीटर परसा बाईपास का निर्माण
• 6.26 किलोमीटर होगा अमनौर बाईपास, लागत होगी 87 करोड़
• परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति अंतर्गत उपसमिति की अध्यक्षता करते हुए रुडी ने कराया था स्वीकृत
छपरा। जिला में छपरा-विशुनपुरा, अमनौर, परसा और गरखा बाईपास के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। इनके निर्माण से जिलावासियों के लिए खुशहाली का एक और रास्ता खुल रहा है। स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रुडी ने उक्त बाते कहते हुए आगे बताया कि 21 किलोमीटर रिविलगंज-बिशुनपुरा बाइपास के साथ ही 9 किलोमीटर का गरखा, 7.7 किलोमीटर का परसा और 6.26 किलोमीटर के अमनौर बाईपास के निर्माण पर 47487.49 लाख रूपये खर्च होंगे। अमनौर बाइपास का निर्माण जिला मुख्य सड़क को परिवर्तित करते हुए होगा वहीं तीन अन्य नये बाईपास होंगे।
सांसद ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के साथ छपरा-विशुनपुरा बाईपास की कुल लागत 187 करोड, अमनौर की 87 करोड़, गरखा 106 करोड़ और परसा का 83 करोड़ होगा। सारण सांसद ने कहा कि गांव देहात से लेकर शहरों तक की सड़कों पर काम किया गया है लेकिन पूर्वी बिहार का कोई इलाका सबसे घनी आबादी वाला है तो वह सारण क्षेत्र है इसलिए इन महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की काफी आवश्यकता थी जो अब जाकर पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क निधि से वर्ष 2022-23 के लिए इस योजना की स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसकी निविदा आमंत्रित की गई है।
रुडी ने कहा कि अब इन चारों प्रमुख बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य शीघ्र शुरू होगा जिसके लिए राशि पहले ही आवंटित हो चुकी है। प्रत्येक रैयत को निर्धारित समयावधि में अभिग्रहीत भूमि का मुआवजा दिलाने का सांसद ने व्यक्तिगत प्रयास का वायदा दोहराया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरीके से अधिकारियों की लापरवाही या अन्य कारणों से किसानों को मुआवजे के भुगतान में विलम्ब नहीं होने दिया जायेगा। विदित हो कि इन परियोजनाओं के लिए सांसद प्रयासरत थे। जब पहली बार रुडी को 2022 के अप्रैल माह में परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति के अंतर्गत सड़क से संबंधित बनी उप समिति की अध्यक्षता करने का मौका मिला था तब पहली ही बैठक में इन सड़कों पर विचार किया गया, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर लिया।
-/-




Recent Comments