कुल कोचिंग आय, अन्य कोचिंग आय , विविध आय और टिकट जांच आय में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

सोनपुर। सोनपुर रेल मंडल ने असाधारण रूप से कुल कोचिंग आय, अन्य कोचिंग आय, विविध आय और टिकट जांच आय में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन  करते हुए वित्त वर्ष 2022 -23 में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित कर एक बड़ा मील का पत्थर पार किया हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में माल लदान से कुल 372 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है ।जो कि बीते वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्राप्त माल लदान  आय से 10% अधिक है।  वही पार्सल लोडिंग/ अनलोडिंग से पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 74%  के बढ़त के साथ 5 करोड़ की आय प्राप्त हुई ,कोचिंग  खंड से आय पिछले वित्त वर्ष के तुलना में 41% वृद्धि के साथ  कुल 583 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ ।  इसी प्रकार पार्किंग एवं पे एंड यूज खंड से पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में क्रमशः 3 गुना एवं 2.5 गुना वृद्धि के साथ प्राप्त आय 5.8 करोड़ एवं 1.27 करोड़  रुपए रही । साथ ही गैर -किराया राजस्व एवं कैटरिंग के क्षेत्र में अब तक का असाधारण प्रदर्शन करते हुए 3 करोड़ 77 लाख एवं 3 करोड़ 62 लाख  रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई l जो कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 8 गुना एवं 4 गुना अधिक हैl
     वर्ष भर सघन और सुनियोजित टिकट चेकिंग गतिविधियों, टिकट चेकिंग स्टाफ और सभी संबंधित अधिकारियों के प्रयासों के कारण  वित्त वर्ष (2022-23) मंडल के  पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 70℅ वृद्धि  के साथ रिकॉर्ड 56 करोड़ 51 लाख  रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई l जो कि पिछले किसी भी वित्त वर्ष की तुलना में सर्वाधिक हैl
     वित्त वर्ष(2022-23) में डिजिटल इंडिया के दिशा में सीनियर डीसीएम /सोनपुर द्वारा एक अभिनव कदम उठाते हुए ,इस वित्त वर्ष की बहुचर्चित क्यूआर कोड मुजफ्फरपुर जंक्शन पर लगाया गया ,जिससे यात्री निशुल्क रेल परिचालन से जुडी सूचनाओं को सहज प्राप्त कर सकते हैं।
वही डीसी/डब्ल्यूसी छूट के अनुरोध को आईआरईपीएस के माध्यम से 100% संसाधित किया जा रहा है। ईसीआर के सभी मंडलों में एटीवीएम का सर्वाधिक उपयोग सोनपुर मंडल में किया गया। वित्त वर्ष (2022-23) में, औसतन प्रति एटीवीएम उपयोग 99307 यात्रियों द्वारा किया गया एवं जिनसे 53.25 लाख  रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। सोनपुर मंडल ,भारतीय रेलवे में ई-नीलामी के माध्यम से खानपान अनुबंध प्रदान करने वाला प्रथम मंडल बना। लंबे समय से लंबित एमपीएस निविदाएं,  डब्ल्यूवीएम निविदाएं और  बरौनी जंक्शन के विभागीय स्टालों को सफलतापूर्वक अवार्ड किया गया।  पिछली सभी निविदाओं (2008 के बाद) का नवीनीकरण किया गया ।न्यू बरौनी जंक्शन के चालू होने बाद पहला कैटरिंग और एमपीएस स्टॉल प्रदान किए गए।