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मोतिहारी साक्ष्य की सीडी सौप कर जिला संवाददाता ने लगाया न्याय की गुहार
देवेन्द्र कुमार कुशवाह ज़िला प्रमुख “दैनिक खोज खबर” मोतिहारी (पू.च.) बिहार:-मामला जाँच के घेरे में फंसे पहाडपुर थाने के थानाध्यक्ष सी.बी शुक्ला जिनके काले कारनामो को प्रमुखता के साथ प्रकाशित करने पर आक्रोशित होकर थानाध्यक्ष ने दुर्भास पर धमकी भरे शब्दों में चेतावनी देने के बाद झूठे मुकदमे में फसाने का रचा षड्यंत्र।

सूचक लक्ष्मण राम द्वारा आरोप पत्र वापस लेने का आवेदन प्राप्त करने के बावजूद सुनियोजित साजिश के तहत थानाध्यक्ष पहाडपुर ने अपने पत्रांक 227 दिनांक 22 / 6 / 17 द्वारा अनुसूचित जाति जन जाति कल्याण थाना मोतिहारी में केस संख्या 73 / 17 दर्ज कराने में सफलता हासिल कर मुंशी एवं थानेदार ने कहा की आवेदन भेजने में हो गई है भूल।
जिला संवाददाता संजय कुमार सिंह ने सूचक थानेदार मुंशी एवम अपने मोबाईल नंबर को सर्बिस लाइंस पर लगाकर घटना के समय का लोकेशन जाँच कर कार्रवाई करने का किया मांग।
मोतिहारी जिले के पहाडपुर थाने के थानाध्यक्ष सी.बी शुक्ला के काले कारनामो को प्रमुखता के साथ प्रकाशित करने पर आक्रोशित होकर थानाध्यक्ष ने दुर्भास पर धमकी भरे शब्दों में चेतावनी देने के बाद दैनिक प्रातः कमल के जिला संवाददाता संजय कुमार सिंह को झूठे मुकदमे में फसाने का षड्यंत्र रचने की घटना पर दुःख ब्यक्त करते हुए लोक तंत्र के चौथे स्तम्भ की आजादी पर कुठाराघात कर पुलिसिया घौस जमाकर प्रताड़ित करने वाले थानाध्यक्ष पहाडपुर के काले कारनामो एवं अपने कर्तब्य के प्रति लापरवाही बरतने की मामले का उच्च स्तरीय गोपनीय जाँच कराकर झूठे मुकदमे में लगाये गए आरोप से मुक्त कर दोषी ब्यक्ति पर कार्रवाई करने का मांग उक्त प्रताड़ित संवाददाता ने आज अपने पत्रांक 06 दिनांक 25/6/17 द्वारा एक लिखित आवेदन के साथ साक्ष्य की सीडी देकर पूर्वी चंपारण के आरक्षी अधीक्षक जितेन्द्र राणा एवं जिलाधिकारी मोतिहारी से किया है।
उन्होंने बताया की अगर सूचक, थानेदार, मुंशी एवम अपने मोबाईल नंबर को सर्बिस लाइंस पर लगाकर घटना के समय का लोकेशन जाँच एवं इन लोगो के साथ हुई वार्ता की कॉल रेकार्डिंग का अवलोकन करने पर सच्चाई स्वतः स्पष्ट हो जाएगा।
आरक्षी अधीक्षक मोतिहारी को दिए गए आवेदन में लिखा गया है की यह की थानाध्यक्ष पहाडपुर का पत्रांक 227 दिनांक 22 / 6 / 17 द्वारा अग्रसारित आवेदन पर सूचक लक्षुमन राम पिता भोली राम गाँव – सटहां मंगुराहा का हस्ताक्षर सादे कागज पर कराकर दी गई आवेदन मे मेरा नाम अंकित करके थानाध्यक्ष सी.बी शुक्ला को दी गई थी जिसकी जानकारी मिलते ही हमने थानाध्यक्ष पहाडपुर से घटना की स्थलीय जाँच एवं सूचक का ब्यान लेने के बाद ही कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
सूचक को जब यह जानकारी हुई तो वह पुनः थानाध्यक्ष पहाडपुर के नाम से आवेदन लिखकर दे दिया |इस संदर्व में थानाध्यक्ष सी .बी. शुक्ला से मोबाईल पर वार्ता हुई जिसमे उन्होंने बताया की इस आवेदन को मै अग्रसारित करूंगा।
आवेदन थाना मे मुंशी का बागडोर संभाल रहे धन्न्जय से थानाध्यक्ष ने मोबाईल पर वार्ता करके धनञ्जय को दे देने का आदेश दिया सुबह थानाध्यक्ष पहाडपुर को सूचक दवारा दी गई इस आवेदन को फाड़कर फेक दिया गया तथा पूर्व के आवेदन को साजिश के तहत दुर्भावना से प्ररित होकर मोतिहारी अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण थाना भेज दिए।
जब पुनः मोबाईल पर वार्ता हुआ तो मुझे बताये की भूल हो गया वही मुन्सी ने बताया की मुझसे गलती हो गई है ,सूचक ने मोबाईल पर बताया की मैं पुनः लिखित आवेदन पर हस्ताक्षर करके आपका नाम हटवा देंगे जिसका चश्मदीद गवाह कॉल रेकार्डिंग है।
उल्लेखनीय है की थानाध्यक्ष पहाडपुर का पत्रांक 227 दिनांक 22 / 6 / 17 के आलोक में अनुसूचित जाति जन जाति कल्याण थाना मोतिहारी केस संख्या 73 / 17 भादवि की एवं दैनिक आज के पहाडपुर संवाददाता पर हुई हमला का पहाडपुर थाना केस संख्या 174 /17 दोनों घटना की तिथि 21 / 6 / 17 समय 8 बजे रात्री अंकित है जिसके अवलोकन से स्वतः स्पष्ट है की एक ही समय व् तिथि पर 2 घटना का अलग –अलग थाने में 2 प्राथमिकी दर्ज हुई है जबकि दोनों प्राथमिकी एक ही विवाद से संबंधित है|
सूचक लक्ष्मण राम पूर्व में कई लोगो पर हरिजन अत्याचार का मुकदमा दर्ज करने का पेशेवर है जिसका ज्वलंत उदाहरण मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोतिहारी के न्यायलय में दायर वाद संख्या 946 /15 में आरोपित पहाडपुर के अंचलाधिकारी अवधेश प्रसाद श्रीवास्तव एवं प्रधान लिपिक मुक्तिशरण पाण्डेय है जो अनुसंधान के क्रम में गलत साबित हुआ है|
वही मेरी भी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने हेतु उक्त कार्रवाई साजिश के तहत करवाई गई है| अंत में लिखा गया है की पूर्व मै कई बार पहाडपुर थाने के थानाध्यक्ष सी.बी. शुक्ला के दवारा की गई काले कारनामो को प्रकाशित किया था जिससे वे आक्रोशित होकर प्रेस कि आजादी पर कुठाराघात कर मुझे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दिए थे जो आज सत्य चरितार्थ हुआ है की सूचक द्वार आरोप पत्र वापस लेने के बाद भी मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है तथा पुनः फंसाने की धमकी दिए है।
मुझे भय हैं की मेरे साथ ये कोई भी अप्रिय घटना कराकर मेरी ह्त्या भी करा सस्कते है। बताते चले की में प्रातः कमल समाचार पत्र में प्रकाशित खबर सटहां धन्नीटोला में घटना के 24 घंटे पूर्व दर्ज हुई प्राथमिकी, सटहां नरकटिया में मरुता से हुई दुर्घटना में 1 ब्यक्ति की हुई मौत के बाद हत्यारोपी चालक को गिरफ्तार कर मरुता को बरामद करने के बावजूद बिना न्यायालय से रिलीज आदेश मिले मरुता को छोड़ देने की खबर भी प्रातः कमल में कई माह पूर्व छापा था जिसका साक्ष्य बीडीओ उपलब्ध है।
रात्री में महिलाओ की गिरफ्तारी बिना महिला आरक्षी के करने एवं थाना में बैठे –बैठे पासपोर्ट का निरीक्षण करने की खबर प्रकाशित हुआ था।
समाचार लिखे जाने तक जिले के पत्रकारों ने प्रेस कि आजादी पर कुठाराघात करने के इस मामले की तीव्र निंदा करते हुए आरक्षी अधीक्षक मोतिहारी सेएक प्रेस ब्यान जारी कर मांग किया है की प्रताड़ित संवाददाता को आरोप मुक्त कर दोषी ब्यक्ति पर कार्रवाई किया जाय |