बेतिया – बगहा :- बी०आर०ए०बिहार विश्वविद्यालय , मुजफ्फरपुर के अनियमित व अराजक व्यवस्था से तंग आकर आए दिन छात्राएं एवं अभिभावकगण महाविद्यालय -प्रशासन से अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त कर रहे है। डॉ० अरविंद कुमार तिवारी

न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा बगहा प.च बिहार :–
बगहा नगर के बनकटवा स्थित पंडित उमाशंकर तिवारी महिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य/सचिव डॉ० अरविंद कुमार तिवारी ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बी०आर०ए०बिहार विश्वविद्यालय , मुजफ्फरपुर के अनियमित व अराजक व्यवस्था से तंग आकर आये दिन छात्राएं एवं अभिभावक गण महाविद्यालय -प्रशासन से अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त कर रहे है कि विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन कि डिग्री लेने में 5 से 6 वर्ष लग जा रहे है।इसके बावजूद परीक्षाफल में व्यापक पैमाने पर त्रुटि होने के चलते छात्र-छात्राओं का शारीरिक ,मानसिक एवं आर्थिक शोषण घड़ल्ले से जारी हैं। परीक्षायें ससमय नहीं होने के कारण नामांकित छात्र-छात्रायें उदासीन होती जा रही हैं।और शैक्षणिक संस्थान मात्र नामांकन करने एवं फॉर्म भरने कक केन्द्र बन कर इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत अपने बच्चों को पढ़ाना नही चाह रहे है••और धीरे धीरे उच्च शिक्षा हेतु अन्य राज्यों की ओर छात्र-छात्राओं का पलायन जारी है। सबसे अधिक समस्या तो आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के समक्ष है कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा के लिए कहा जाये?
,इस भयावह परिस्थिति पर अपनी चिंता स्पष्ट करते हुए प० उमाशंकर तिवारी महिला महाविद्यालय,बगहा, प०चंपारण के प्रचार्य डॉ० अरिवंद कुमार तिवारी ने कहा कि किसी भी महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी U.G.C के मानदंडों के अधीन ही नियुक्त होते हैं और ये महामहिम कुलाधिपति महोदय के ही अंग है। अतः यदि विश्वविद्यालय से यह शैक्षणिक अराजकता नही सुधर पा रही हैं तो महामहिम राज्यपाल -सह-कुलाधिपति महोदय , बिहार से सादर अनुरोध हक़ी की मुझे और मेरे महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों, जो UGC के प्रावधानों के अंतर्गत विधिवत नियुक्त हैं, को 6 माह के लिए कार्य करने का अवसर दिया जाय ताकि परीक्षा संबन्धी त्रुटि को दूर किया जा सके और अनियमित सत्र को नियमित कर विद्यार्थियों के पलायन को रोका जा सकें।इसमें कही से भी अधिकार की बात नही है, बल्कि कर्तव्य-बोध की बात है। उक्त लक्ष्य को ससमय पूरा कर हम पुन: अपने महाविधालीय दायित्व के निर्वहन हेतु महाविद्यालय वापस आ जायेंगे।अस्तु यदि जनहित में महामहिम इस कर्तव्यपालन की अनुमति देते है तो महाविद्यालय कर्मी इस पुनीत कार्य के लिए अपना जीवन धन्य समझेंगे। पं० उमाशंकर तिवारी महिला महाविद्यालय प्रो.अरिवंद नाथ तिवारी बताया कि ससमय एग्जाम औऱ रिजल्ट नही होने से छात्र-छात्राओं बी०आर०ए० बिहार विश्वविद्यालय,मुजफ्फरपुर नाखुश है औऱ महिला महाविद्यालय में मध्यम वर्ग की ज्यादातर छात्राएं है उनके पास उतने पैसे है नही कही दूसरे महाविद्यालय से ग्रेजुएशन कर सके। और ग्रेएजुशन 5 से 6 वर्ष लग जाते है जो कि 3 साल में ग्रेजुएशन कम्प्लीट हो जाना चाहिए। इतने शिक्षक होने के बावजूद छात्राएं कम ही महाविद्यालय आती है बी०आर०ए० बिहार विश्वविद्यालय,मुजफ्फरपुर ससमय सभी कामों को तुरुस्त करें। वही मौके पर मौजूद महिला महाविद्यालय पढ़ने वाले शैला परवीन,सिब्बू कुमारी और आरिफा परवीन जो की पार्ट 1और पार्ट 2 की छात्रा है छात्राओं ने बताया कि बी०आर०ए०बिहार विश्वविद्यालय , मुजफ्फरपुर ससमय एग्जाम नही लेने से हम सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लगभग 2 वर्ष पूरे होने जा रहा है लेकिन अभी तक ग्रेजुएशन फर्स्ट पार्ट का एग्जाम नही हुआ ना ही कोई एग्जाम होने की घोषणा की गई है।इसके चलते यहां के कितने छात्र -छात्राएं पलायन कर रहे है और हम मध्यम वर्ग यही करना ग्रेजुएशन करना पड़ रहा हैं।और कुछ दोस्ते हमारी दूसरे महाविद्यालय से ग्रेजुएशन कर रही है उनका ससमय एग्जाम एवं रिजल्ट होता है। लेकिन बी०आर०ए०बिहार विश्वविद्यालय , मुजफ्फरपुर सबसे बड़ी लापरवाही ससमय कुछ नही होने से कितने छात्र छात्राओं ने ग्रेजुएशन करना छोड़ दिया और कुछ छात्राओं ने बताया कि जो छात्र-छात्राएं मध्यम वर्ग की वही यहां के महाविद्यालय में पढ़ते है जैसे तैसे 5 या 6 साल में ग्रेजुएशन पास करते है ना समय से रिजल्ट आता ना एग्जाम डेट। ग्रेजुएशन पास आउट होने बाद भी कागजाद लेने में लगभग एक से ढेर साल निकल जाता है। ससमय बी०आर०ए०बिहार विश्वविद्यालय , मुजफ्फरपुर द्वारा कुछ भी नही होता है। इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को उठाना पढ़ता हैं।बी०आर०ए०बिहार विश्वविद्यालय , मुजफ्फरपुर अपील की जल्द से जल्द सभी कामे तुरुस्त करे, नही तो हम सभी बाध्य भी हो सकती है।