पति-पत्नी का शव पहुंचते ही मचा कोहराम
परवेज़ अख्तर/सीवान
जिले के बसन्तपुर प्रखंड के मोलनापुर गांव में मंगलवार को अहले सुबह सिवान से पोस्टमार्टम के बाद पति-पत्नी का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया तथा कई गांवो के लोग मृतक के दरवाजे पर जुट गए । बताया जाता है कि बसन्तपुर के मोलनापुर निवासी कामदेव प्रसाद के पुत्र देवेन्द्र कुमार उर्फ रमेश प्रसाद ( 31 वर्ष ) सोमवार की देर शाम अपनी पत्नी ज्योति कुमारी को बाइक पर बैठा कर दरौंदा से घर आ रहे थे । दोनों एक ही बाइक पर सोमवार की देर शाम लगभग 7.30 बजे जब लहेजी स्टेट हाइवे 73 पर पहुंचे की उसी वक्त बसन्तपुर से सिवान की तरफ जा रही एक वाहन से साइड लेकर आगे निकल रही कार से बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई और पति-पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई । कार सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी एवं कार पर सवार लोग मौके से भाग गए । घटना के बाद यह खबर जंगल के आग की तरफ फैल गई और देखने के लिए काफी संख्या में लोग इक्कठे हो गए । सूचना पाते ही बसन्तपुर थानाध्यक्ष रणधीर कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच घटना की जानकारी लिए । घटना को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए एवं स्टेट हाईवे 73 को लहेजी के पास जाम कर दिया । उसके बाद पहुंचे बीडीओ मो. आशिफ व थानाध्यक्ष के समझाने तथा हर संभव सरकारी सहायता दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और लगभग 3 घंटे के बाद यातायात बहाल हुआ । उसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिवान पोस्टमार्टम में भेज दिया । मंगलवार को अहले सुबह दोनों का शव इनके गांव मोलनापुर पहुंचा । मृतक दरौंदा के रुकुन्दीपुर शाखा डाकघर में ग्रामीण डाक सेवक डाक वाहक सह वितरक के पद पर कार्यरत था । मृतक को एक पांच वर्षीय पुत्र राजकरण है । मृतक का बड़ा भाई दिनेश प्रसाद विशुनपुरा विद्यालय में शिक्षक है । मृतक के चाचा पुरुषोत्तम प्रसाद मोलनापुर पोस्टऑफिस में शाखा डाकपाल के पद पर कार्यरत है । माता माला देवी समेत अन्य परिजनों के चीत्कार से पूरा वातावरण गमगीन हो गया था । मृतका ज्योति कुमारी दरौंदा थाना में होम गार्ड के महिला सिपाही के पद पर तैनात थी । दरौंदा थाना के उजायं गांव निवासी व मृतका के पिता चंदन साह ने बताया ज्योति कुमारी की तीन वर्ष पहले नौकरी लगी थी और लगभग 7-8 माह से दरौंदा में तैनात थी । सोमवार को ज्योति कुमारी पति के साथ बाइक पर बैठ कर मोलनापुर आ रही थी । दो बहनों में ज्योति कुमारी बड़ी बहन है तथा छोटी बहन का नाम रौशनी कुमारी है । परिजनों ने बताया कि ज्योति कुमारी डिलीवरी के कारण लगभग 20 दिनों से मातृ अवकाश पर थी । लगभग 20 दिनों बाद डिलीवरी होना था , लेकिन काल-चक्र ने शिशु को दुनिया मे आने से पहले ही अपना शिकार बना लिया । पांच वर्षीय राजकरण जब अपने माता-पिता को मुखग्नि के लिए तैयार हुआ तो वहाँ उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गई । मृतक के पिता कामदेव प्रसाद मुखाग्नि के समय राजकरण की सहायता कर रहे थे ।
डाक निरीक्षक पहुंचे मृतक के घर
सिवान के डाक निरीक्षक ( पूर्वी ) अरविंद कुमार रमण सूचना पाकर मंगलवार को मृतक डाककर्मी देवेन्द्र कुमार उर्फ रमेश प्रसाद के घर पहुंचे । वहां परिजनो से मिलकर सांत्वना दिए तथा हर संभव मदद करने की बात कही । वहीं विभाग की तरफ से आठ हजार रुपये दाह-संस्कार के लिए प्रदान किया ।




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