नेता ज़ी कहिन- ‘विकास’ में अव्वल जिला हैं छपरा औऱ इधर श्यामचक जीरोमाइल राहगीरों के आंखों में झोंक रहा हैं धूल!

रिक्शाचालक की तस्वीर : जिसमें बाएं हाथ से नाक-आंख ढ़क हुए औऱ दाएं हाथ से हैंडल थामे रिक्शा चलाता हुआ

छपरा : तस्वीरों में साफ-साफ़ झलक रहा हैं कि रिक्शा चालक उड़ते धूलो से बचने कें लिए एक हाथ से रिक्शा का हैंडल पकड़ा हैं औऱ दूसरी हाथों की तलहटी से गमछा लपेटे नाक औऱ आंख को धूल से बचाने की कोशिश कर रहा हैं। समस्या यहीं नहीं रुकती हैं रिक्शावाला पूरी दमखम लगा जोड़ आज़माइश कर पैर भी दबा रहा हैं, ताकि उसकी रिक्शा कहीं मिट्टी से बने धूल की रेतों में जाकर रूक न जाय। यह दृश्य कहीं ग्रामीण इलाके का नहीं बल्कि शहर कें व्यस्तम श्यामचक जीरो माइल से जलालपुर जाने वाली सड़क की मोड़ कें आसपास की हैं।

विकास की ढोल की पोल खोल रहा हैं शहर का ये मोड़। तेज रफ्तार की गाड़ियों कें ऐसी धूल उड़ती हैं की पैदल , साईकल औऱ रिक्शा वाले आम जनों को इस मोड़ से गुजरना मुसीबत से कम नहीं हैं।कभी-कभी आसमान कें तरफ उड़े धूल से हल्का धुंधला सा भी हो जाता हैं। जिससे लोगों को दिन कें दोपहर में शाम सा लगने लगता हैं।चुनावी साल में छपरा शहर को अतिक्रमण मुक्त से लेकर शहर कें पश्चिमी मुख़्य सड़क की जीर्णोद्धार समेत दर्जनो खबरे थी। लेकिन समस्या ज्यो की त्यों बनी हुई हैं।कारण की विकास इस कदर दहाड़ रहा हैं कि मूलभूत समस्याएं दब कें रह जा रही हैं।