● समय रहते भागकर की अपनी जान की हिफाजत

● जाको राखे साइयां, मार सके न कोय वाली कहावत हुआ चरितार्थ

मढ़ौरा। शुक्रवार की सुबह प्रखड के नौतन गांव में एक व्यक्ति घर के द्वार पर चापाकल से पानी ले रहा था कि एक सेमल का वृक्ष उपर से आ गिरा।लेकिन चापाकल से पानी ले रहा व्यक्ति सुबोध कुमार ने तेजी भागकर अपनी जान बचाई।घटना के बाद आसपास के लोग दौड़ के आये, लेकिन किसी प्रकार की क्षति नहीं देखकर कहा कि-जाको राखे साइया, मार सके न कोय।मिली जानकारी के अनुसार तूफानी चक्रवात यास की वजह से इधर भी तेज हवा और पानी पिछले दिनों से ही चल रहा है।जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। शुक्रवार की सुबह सुबोध कुमार अपने द्वार पर पानी लेने हेतू चापाकल पर गए हुये थे कि उसी क्षण पड़ोसी नन्द किशोर सिंह का एक सेमल का पेड तेज हवा और बरसात के कारण उनके चापाकल और गाड़ी के शेड पर गिर गया।उस समय सुबोध कुमार चापाकल पर पानी ले रहे थे।गनीमत रही कि सुबोध कुमार समय रहते भाग कर अपनी जान बचाई।