कौमी एकता की अनूठी मिसाल गुरु डॉक्टर एम रहमान 1994 से कर रहे हैं अनवरत मां शारदे की आराधना

पटना(अनूप नारायण सिंह) :

वर्ष 1994 से प्रख्यात इतिहासकार एवं जीवन विशेषज्ञ गुरू डॉ. एम. रहमान द्वारा प्रत्येक वर्ष माता सरस्वती की पुजा का आयोजन किया जाता है। जो आज भी निरंतर जारी है। पटना के नया टोला गोपाल मार्केट मे 11 रूपये की गुरूदक्षिणा मे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले गुरु रहमान वेद और कुरान के ज्ञाता हैं।

●सफलता के पर्याय बन चुके हैं गुरु रहमान
धार्मिक कट्टरता की बात करने वालो के मुंह पर जोरदार तमाचा है राजधानी पटना के नयाटोला गोपाल मार्केट में चलने वाला वेद और कुरान के ज्ञाता डॉ. एम. रहमान का अदम्या अदिति गुरुकुल, जहाँ हिन्दू-मुस्लिम छात्र एक साथ पूजा पाठ करते हैं। यह सिलसिला विगत कई वर्षो से चलता आ रहा है। महज 11 रुपये की गुरुदक्षिणा में गरीब छात्रो को सिविल सेवा तक की प्रतियोगिता परीक्षाओ की तैयारी करने वाले इस अनूठे गुरुकुल के व्यवस्थापक मुन्ना जी कहते है की भूख गरीबी बदहाली की जिस तरह कोई जाति या धर्म नही होता ठीक उसी तरह सफलता का भी कोई धर्म नही होता मातृभूमि सबसे बढ़कर है।

●मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं : गुरु रहमान
गुरु रहमान कहते है की ऐसा करने से मानसिक शक्तिया जागृत होती है। वे खुद वेद, उपनिषद, कुरान के ज्ञाता है किसी भी धर्म में मानवता से बढ़कर किसी को भी नही मन गया है। इस अभियान मे अशोक सिह, शशांक जी, केसरी जी, सुबोध कुमार मिश्रा, डॉ. राज कुमार सिह, अमरजीत झा, कुणाल सर, शशि कुमार सिंह, निदेशक मुन्ना जी, पुनपुन यादव जितेन्द्र साह का योगदान रहा है।