◆आक्रोशितों ने शिल्हौरी चौक पर सोमवार को शव को रख देर शाम से मध्य रात्रि तक रोड किया जाम

मढ़ौरा. मढ़ौरा मनरेगा कार्यालय परिसर आत्मदाह की कोशिश में पिछले दिनों झुलसे बीडीसी सदस्य की मौत मामले में मनरेगाकर्मियों के खिलाफ मृतक बीडीसी के पुत्र ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है.वहीं सोमवार को छपरा में इलाजरत बीडीसी के मौत के बाद आक्रोशितों ने शव को शिल्हौरी चौक के समीप रख कर मुख्य मार्ग को देर शाम से मध्य रात्रि तक जाम रखा.रोड जाम की सूचना पर मढौरा एसडीओ बिनोद कुमार तिवारी,मढ़ौरा थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राम बालेश्वर राय और मढ़ौरा बीडीओ दल बल के साथ पहुंचे. काफी देर तक समझाने बुझाने के बाद आक्रोशित भीड़ आपदा राशि दिलवाने और मौत के गुनाहगार पर कार्रवाई के आश्वासन मिलने के बाद शांत हुई.जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम में छपरा भेज दी. मंगलवार की सुबह परिजनों को शव को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया गया. इस दौरान टायर जला और शव को रोड पर रख जाम कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. लेकिन प्रशासन ने सूझबूझ से मामले को शांत करा दिया. जिसके बाद मृतक बीडीसी सुदीश मांझी के पुत्र अरबिंद मांझी के आवेदन पर मनरेगा कर्मियों के खिलाफ स्थानीय थाना में मामला दर्ज किया गया. जिसमें तीन मनरेगाकर्मियों प्रदीप कुमार, अब्दुल और शकील को नामजद कर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है. दिए आवेदन में मनरेगा द्वारा कराये गये काम का मजदूरों और ट्रैक्टर वाहन आदि का बकाया राशि साढ़े सात लाख भुगतान को लेकर बीडीसी सदस्य कुछ दिनों से काफी परेशान चल रहा था. लेकिन कार्यक्रम पदाधिकारी और मनरेगा कर्मीयो द्वारा अनावश्यक टाल मटोल से आजिज आकर 07 नवंबर को कार्यक्रम पदाधिकारी समेत अन्य कार्यालयों को डाक से इसकी सूचना दी और पूर्व से निर्धारित 11 नवंबर को मनरेगा कार्यालय परिसर में आत्मदाह की कोशिश में झुलस गए. जिनकी मढ़ौरा रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद एक सप्ताह तक सदर अस्पताल में इलाज चला. जख्म ठीक नहीं होने पर परिजनों ने झुलसे बीडीसी सदस्य को छपरा के एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए 17 नवंबर को लाया. जहा पर इलाज के दौरान 18नवंबर को मौत हो गई. जिसके बाद लोगों ने देर शाम शव को घर लेकर आये और रोड जाम कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े थे.मौत की खबर पर प्रमुख प्रतिनिधि बिरेन्द्र राय, राजद नेता उपेंद्र मांझी ,धनंजय राय समेत कई बीडीसी सदस्यों ने परिजनों को ढाढस दिया और सरकार से मुवावज़ा की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।.

मालूम हो कि पिछले सोमवार 11 नवंबर को मनरेगा कार्यालय के सामने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बीडीसी सदस्य सुदीश मांझी नेआत्मदाह का प्रयास किया था, जिसमे बीडीसी सदस्य का शरीर का कुछ भाग झुलस गया था.आनन फानन में कार्यालय कर्मीयो एवं अन्य के सहयोग से प्राथमिक उपचार के लिये मढ़ौरा रेफरल अस्पताल लाया.फिर बाद में उसे बाद छपरा रेफर कर दिया गया था,जहां पिछले आठ दिनों से इलाजरत थे।सोमवार को तड़के शाम जीवन मौत से जूझ रहे बीडीसी सदस्य सुदीश मांझी ने दम तोड़ दिया.




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