अपने ही जिले में बेगाने हो गए महान स्वतंत्रता सेनानी
#परवेज़ अख्तर/सीवान:
सीवान के श्रीनगर मोहल्ले से संबंध रखने वाले एक ही परिवार के तीन महान स्वतंत्रता सेनानी आज अपने ही जिले में बेगाने हो गए हैं। उनके नाम पर जिला क्या उनकी जन्मभूमि तक में ऐसा कुछ नहीं है जिससे कि हमारी आने वाली पीढ़ी यह जान सके कि इन सेनानियों का संबंध बिहार के सीवान के श्रीनगर से रहा है। जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासन की ओर से लगातार इस दिशा में अनदेखी व उदासीनता ही बरती गई है। बिहार में स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता व चंपारण आंदोलन के दौरान 1917-18 में चंपारण आए महात्मा गांधी के प्रथम सहयोगी ब्रजकिशोर बाबू व महात्मा गांधी की मानस पुत्री प्रभावती देवी की जन्मभूमि व जेपी आंदोलन के प्रमुख पुरोधा जयप्रकाश नारायण का ससुराल सीवान का श्रीनगर है। ब्रजकिशोर बाबू की बेटी प्रभावती देवी के पति होने के नाते जयप्रकाश नारायण का सीवान के श्रीनगर से काफी लगाव रहा है। हालांकि यह कितनी बड़ी विडंबना है कि जिस शहर व जिले से तीन-तीन प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों का संबंध रहा हो, वहां उनकी मौजूदगी का अहसास कराने के लिए ऐसा कुछ नहीं जिससे उनके बारे में कुछ जानने या समझने का अवसर मिले। बात अगर उनकी विरासत की करें तो ब्रजकिशोर बाबू की दान की गई उनकी पैतृक जमीन डीएवी पब्लिक स्कूल के भवन का निर्माण श्रीनगर में हुआ है, जिसका नाम ब्रजकिशोर डीएवी है। स्कूल परिसर के मुख्य द्वार पर ब्रजकिशोर मंच द्वारा उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। ब्रजकिशोर बाबू के नाम पर श्रीनगर में एक हाईस्कूल है, जबकि प्रभावती देवी के नाम पर महादेवा नई बस्ती में महिला विद्यालय। इसके अलावा शहर में जयप्रकाश नारायण के नाम पर जेपी चौक व वहां उनकी प्रतिमा स्थापित कर सीवान से उनके संबंधों को जोड़ने की एक पहल जरुर हुई है।
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