सीवान { 05 सितंबर }सीवान के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान बैकुण्ठ शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय अमलोरी के सभागार में बुधवार को शिक्षक दिवस  के अवसर पर शिक्षा विद् व  स्वतंत्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय  राष्ट्रपति  डाक्टर  राधाकृष्णन जयन्ती को धूमधाम से मनाया गया । कार्यक्रम की शुरुआत  पूर्व राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन के तस्वीर पर माल्यार्पण कर व  दीप प्रज्वलित कर के किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र – छात्राओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए । समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान  विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रमेन्द्र राय ने कहा कि डाक्टर राधाकृष्णन एक राजनेता ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति के पुरोधा थें। वे अपने जमाने में  भारतीय दर्शन के सबसे बड़े प्रवक्ता थें । डाक्टर राधा  राधाकृष्णन के बताए मार्ग पर चल कर ही भारत को विश्व गुरु बनाया जा सकता है ।
श्री राय ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारतीय शिक्षा जगत को नई दिशा दी। उनका जन्मदिन देश शिक्षक दिवस के रूप में मनाया है। वह निष्काम कर्मयोगी, करुण हृदयी, धैर्यवान विवेकशील विनम्र थे। उनका आादर्श जीवन भारतीयों के लिए ही नहीं, अपितु संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। 
उन्होंने कहा कि डाक्टर राधाकृष्णन का कहना था, “हिदू वेदांत वर्तमान शताब्दी के लिए उपयुक्त दर्शन उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। जिससे जीवन सार्थक व सुखमय बन सकता है। उन्होंने  सन् 1910 में सैदायेट प्रशिक्षण कालेज में विद्यार्थियों को 12 व्याख्यान दिए। उन्होंने मनोविज्ञान के अनिवार्य तत्व पर पुस्तक लिखी जो कि 1912 में  प्रकाशित हुई। वह विश्व को दिखाना चाहते थे कि मानवता के समक्ष सार्वभौम एकता प्राप्त करने का सर्वोत्तम साधन भारतीय धर्म दर्शन है।”

इस मौके पर महाविद्यालय के  प्राचार्य डॉ श्याम शंकर पाण्डेय के नेतृत्व में महावीर  के सभी अध्यापकों को सम्मानित किया गया ।