भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी ) की पश्चिम चम्पारण जिला के मंत्री प्रभुराज नारायण राव ने बयान दिया है कि..
    चम्पारण सत्याग्रह की शत वार्षिकी के अवसर आज गांधी के बेतिया आने के दिन केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह नकली गांधी लेकर बेतिया की सड़कों पर पद यात्रा करेंगे ।यह एक अजीब विडम्बना है की गांधी के हत्यारे गांधी वाद की पाठ ढ़ा रहे हैं ।
       चम्पारण किसान सत्याग्रह के सौ साल पूरे हो गये ।आज हम चम्पारण के किसान भारी तबाही से गुजर रहे हैं.फसल का भारी नुकसान हुआ है ।नुकसान भरपायी के नाम पर सिर्फ गंदी राजनीति हो रही है ।नील की खेती ख़त्म होने पर अंगरेजों ने  ईख की खेती करने के लिए किसानों पर दबाव बनाया ।नीलहो के जाने के बाद मिलहो का चम्पारण पर कब्जा हो गया ।किसानों के 4साल के संघर्ष के बाद मात्र 20 रुपये कीमत में वृध्दि हुई ।करोड़ों रुपये किसानों का मिलों पर बकाया है ।धान और गेहूँ की सरकारी दर से ज्यादा बाजार दर है ।आज भी भूमिहीनों को आवास नहीं है.बिहार सरकार भूमिहीनों को जमीन का परचा देकर ,जमीन पर कब्जा नहीं  दे रही है । नहरे टूटे पड़े हैं ।सिंचाई कीसुविधा नहीं है ।लाभकारी मूल्य नहीं मिलने तथा कृषि की सरकारी उपेक्षा के चलते चम्पारण के किसान कर्ज के बोझ से दबे जा रहे हैं ।
         आज देश का कृषि मंत्री चम्पारण का है ।चम्पारण के किसान इस साल सुखाड़ ,बाढ़ और प्राकृतिक आपदा का बुरी तरह शिकार रहा है ।
 क्या आप इस जिले में कर्ज से दबे किसानों की कर्ज माफी करेंगे ?
  क्या आपके द्वारा बार बार बड़े बड़े विज्ञापनों के माध्यम से प्रोत्साहित विमाधारित किसानों को बीमा का लाभ दिला पायेंगे ?
   कया ईख का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल करेंगे ?
   क्या  मोतिहारी चीनी मिल द्वारा किसानों और मिल मजदूरों के बकाये के भुगतान के लिए आत्म दाह कर शहीद होने वाले के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देंगे ?
     क्या जिले के सभी भूमिहीनों को आवास और खेती की जमीन देंगे ?
       अन्यथा इस क्रान्ति शत वार्षिकी के अवसर हम असरदार जनान्दोलन छेड़ेगे ।