​*जाने क्या है मुंगेर के खैरा में फ्लोरोसिस नामक बीमारी का इतिहास?*
👈पियूष  कु0 प्रियदर्शी”दैनिक खोज खबर” मुंगेर👉
बिहार के मुंगेर जिला मे एक हवेली खड़गपुर प्रखंड के अंतर्गत एक  खैरा गांव है ।जो 1998 में चर्चा में आया जब खैरा गांव के राम नरेश शर्मा 1996 में बीमार पड़ने के बाददिल्ली एम्स में इलाज के लिए भर्ती हुए थे.
दिल्ली आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने मुंगेर के जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर सूचित किया था कि राम नरेश शर्मा को फ्लोरोसिस नामक बीमारी है. 
जाने  क्या है फ्लोरोसिस बीमारी होने कारण
फ्लोरोसिस नामक बीमारी फ्लोराइड युक्त पानी पीने से होता है जिससे मानव शरीर विकलांगता की ओर अग्रसर हो जाता है.
 एम्स के डॉक्टरों के पत्र पर डॉक्टरों की टीम ने खैरा गांव का सर्वे किया तो पाया के खैरा गांव के 90 प्रतिशत लोग फ्लोरोसिस नामक बीमारी से ग्रसित है और यहां के पानी में फ्लोराइड की मात्रा 5 से 10 पीपीएम है. खैरा ग्राम वासियों को शुद्ध पेयजल प्राप्त हो राज्य सरकार 1998 से तत्पर है.
 सर्वप्रथम खैरा गांव में ही एक सरफेस बोरिंग कराया गया लेकिन वह सफल नहीं रहा. बाद में वहां के चापानल में पानी शुद्ध करने के लिए केमिकल सिलेंडर लगाए गए. इसके अलावा सोलर ट्रीटमेंट प्लांट, जलमीनार, पेयजल एटीएम कई कदम उठाए गए लेकिन समस्या कम न हो सका. 
5 जून 2010 को मुख्यमंत्री विकास यात्रा के दौरान खैरा गांव पहुंचे और यहां के निवासियों की समस्याओं से अवगत होकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु खड़गपुर झील से खैरा गांव तक शुद्ध पेयजल लाने के लिए 32 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया. 30 मई को मुख्यमंत्री खड़गपुर झील से पाइपलाइन के माध्यम से खैरा गांव के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजनाओं काउद्घाटन करेंगे. इसके बाद भी खैरा वासियों की समस्याएं कम होने वाली नहीं है.

क्या कहते है भूगर्भ वैज्ञानिक
 भूगर्भ वैज्ञानिक की सलाह है कि यहां के लोगों की समस्याएं तब दूर होगी जब बंगरा, डंगरी, डोरी नदी जो तीन मुहाने में मिलती है, चेक डैम का निर्माण किया जाए. जिससे पहाड़ों से उतरने वाली झरने का पानी रुकेगा जिसमें एक ओर जल स्तर ऊंचा होगा और पानी का बहाव के कारण भूगर्भ में अर्सैनिक एवं फ्लोराइड की मात्रा घटेगी. फलस्वरुप सिंचाई का सुलभ साधन मुहैया होगा और फसल गेहूं चावल दाल सब्जी एवं पशुओं के दूध में फ्लोराइड की मात्रा घटेगी.
फ्लोरोसिस बीमारी  जा चुकी हैं कई जाने
मुख्यमंत्री के आगमन के बाद विजय शाह 52 वर्ष, सुमित यादव 65 वर्ष, उमेश शाह 55 वर्ष, अनीता देवी 45 वर्ष, महेश्वर मंडल 50 वर्ष, चमेली देवी 50 वर्ष, सुखिया देवी 50 वर्ष, बागेश्वरी देवी 40 वर्ष, भागो सिंह 50 वर्ष, मौली यादव 35 वर्ष राजपाल यादव 45 वर्ष की मृत्यु हो चुकी है.

कई लोग ऐसे है जो विकलांग है
खैरा गांव में अभी कई लोग हैं जो विकलांगता की शिकार होकर जीवन मृत्यु से लड़ रहे हैं इसमें किरानी यादव 40 वर्ष, इंद्र देव मंडल 42 वर्ष, कैलाश पति शर्मा 60 वर्ष, जगदंबा देवी 55 वर्ष, सुभद्रा देवी 60 वर्ष, दिनेश मंडल, कारे काल दास, रामदेव मांझी आदि शामिल है.