छपरा: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उम्मीदवार ईं. आनंद पुष्कर ने छपरा परिसदन में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के अधिकारों, अपने दिवंगत पिता के संघर्षों और विपक्षी उम्मीदवार की वादाखिलाफी पर खुलकर अपनी बात रखी।

पिता केदारनाथ पांडेय के संघर्षों को किया याद

ईं. आनंद पुष्कर ने कहा कि उनके पिता स्मृतिशेष केदारनाथ पांडेय ने दो दशकों तक शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में सदन से लेकर सड़क तक शिक्षकों की आवाज को प्रमुखता से उठाया।

  • ऐतिहासिक कार्य: उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से नियोजित शिक्षकों को नियमित कराने और उनके वेतनमान में सम्मानजनक वृद्धि करवाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
  • व्यक्तिगत प्रयास: 2005 के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके पिता के साथ मिलकर शिक्षकों की कठिनाइयों और समस्याओं का व्यक्तिगत रूप से समाधान कराया। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी क्षेत्र में याद किए जाते हैं।

पिछली वादाखिलाफी पर साधा निशाना

विरोधी खेमे पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में शिक्षकों ने जिसे वोट दिया, उसने समस्याओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। सदन में शिक्षकों के हित में एक भी सवाल नहीं उठाया गया और चुनाव पूर्व किए गए वादों से पूरी तरह वादाखिलाफी की गई।

“शिक्षक अनमोल हैं, प्रलोभन से नहीं खरीदा जा सकता”

ईं. आनंद पुष्कर ने कहा कि अब शिक्षकों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित नहीं किया जा सकता। शिक्षक समाज राष्ट्र का निर्माता है, जिसका कोई मोल नहीं होता। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि शिक्षक उनके पिता केदारनाथ पांडेय के कार्यों को याद रखते हुए इस चुनाव में बेहतर निर्णय लेंगे और उन्हें अपार समर्थन देकर बिहार विधान परिषद में भेजेंगे।

प्रेसवार्ता में प्रमुख रूप से उपस्थित लोग:

  • बैद्यनाथ प्रसाद सिंह “विकल” (जिला जदयू अध्यक्ष)
  • ओम प्रकाश शर्मा (जिला उपाध्यक्ष)
  • ब्रजेश कुमार (जिला प्रवक्ता जदयू)
  • ईं. प्रभाष शंकर (जिला मुख्यालय प्रभारी सह जिला महासचिव)
  • शम्भू मांझी, शिवकुमार शर्मा, विनोद सिंह सहित कई अन्य जदयू कार्यकर्ता।