
छपरा, 16 सितंबर 2026
भगत सिंह की जयंती (28 सितंबर) के अवसर पर विभिन्न जन समस्याओं को लेकर पटना में आयोजित होने वाले ‘राजभवन मार्च’ को सफल बनाने के लिए मंगलवार को छपरा के मंजर रिजवी भवन, सलेमपुर में विभिन्न जन संगठनों की एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में छपरा से एक हजार लोगों की संख्या में इस मार्च में भाग लेने का दृढ़ संकल्प लिया गया।
प्रमुख मुद्दे और वक्ताओं के विचार
बिहार राज्य किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष सुरेंद्र सौरभ ने बैठक को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रमुख मुद्दों को रेखांकित करते हुए कहा:
- बाढ़ और सूखा: राज्य के 15 जिले बाढ़ की विभीषिका और 7 जिले सूखे का दंश झेल रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई है।
- महंगाई और बेरोजगारी: आम जनता महंगाई से त्रस्त है, जहां चीनी और प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। बेतहाशा बेरोजगारी के कारण युवा पलायन करने को विवश हैं।
- अधिकारों पर प्रहार: शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया गया है। चार नए श्रम कानूनों के जरिए मजदूरों के हक और अधिकारों को कुचला जा रहा है, गरीबों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है और किसानों की उपजाऊ जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने 28 सितंबर के राजभवन मार्च में भारी संख्या में शामिल होकर ‘बदलाव जरूरी है’ मुहिम को सफल बनाने की अपील की।
प्रमुख उपस्थिति
डॉ. वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को सीपीआई जिला सचिव रामबाबू सिंह ने भी संबोधित किया। बैठक में निम्नलिखित नेता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
- किसान व खेत मजदूर नेता: हरि बालम सिंह, शिवजी दास, दर्शन नंद, बद्री प्रसाद
- शिक्षक व युवा नेता: डॉ. महात्मा गुप्ता, विद्या सागर विद्यार्थी, महेंद्र प्रभाकर, पप्पू सिंह कुशवाहा, नसीम अहमद
- अन्य प्रमुख प्रतिभागी: सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, डॉ. के.एन. सिंह, विजय साह, अधिवक्ता त्रिविक्रम दुबे, ट्रेड यूनियन नेता सुरेश वर्मा, रजक हुसैन, शहाबुद्दीन आदि।




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