दुधारू पशुओं को सालों भर मिलेगा हरा चारा,चारे की समस्या से मिलेगी निजात।

मलय कुमार सिंह।

जलालपुर – हरे चारे का विकल्प का गोयना ग्रास लेने लगा है।छोटे-छोटे पौधे के रूप में किसान इसकी खेती कर सकेगें।इसका ज्यादा लाभ मवेशीपालक उठा सकेगें।गोयना ग्रास के पत्ते खाने से दूध उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ गाय तथा भैंसों में विटामिन्स तथा मिनरल्स की कमी भी दूर हो सकेगा।प्रखंड के भटकेसरी पंचायत के रूसी गांव में इस ग्रास के उत्पादन का डेमो भी शुरू किया गया है।इसके उपज से सालों भर हरा चारा के  अभाव में दुग्ध उत्पादन में आने वाली कमी को भी दूर  किया जा सकता है। इस बारे में बताते हुए बिहार किसान संगठन के अध्यक्ष तारकेश्वर तिवारी ने बताया कि इसके उत्पादन के लिए मलेशियाई प्रजाति के बीज से नर्सरी तैयार  करके पशुपालकों को होम डिलीवरी भी की जाएगी।इसके पत्तों से दुधारू पशुओं को सालों भर हरा चारा मिलेगा और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

गोयना ग्रास के उत्पादन से होगा लाभ।

गोयना ग्रास एक बार तैयार होने पर स्वत: कभी नष्ट नहीं होता। कटने के बाद उससे अधिक आकार में भी तैयार हो जाता है एवं इसकी लंबाई 8 से 10 फीट तक होती है।इस ग्रास के रोपण से  भी भूमि का क्षरण भी रुक जाता है। इसके खाने से मवेशी का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसमें 9.38 प्रतिशत प्रोटीन  2.25 प्रतिशत कैल्शियम 0.65 प्रतिशत फास्फोरस इसके अतिरिक्त मवेशी के लिए उपयुक्त विटामिन एवं मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस ग्रास में एक अलग तरह की मिठास भी होती है। साथ ही व्यवसाय की दृष्टिकोण से भी इसे उपजाया जा सकता है।

मशरूम के पैकेजिंग की भी है योजना।

 बिहार किसान संगठन के तारकेश्वर तिवारी ने बताया कि आगामी दिनों में मशरूम के पैकेजिंग की भी शुरुआत की जाएगी।जिसे बाद में मार्केट में उपलब्ध कराया जाएगा।छोटे-छोटे मशरूम उत्पादकों को इससे जोड़ा जाएगा।ताकि हर समय इसकी उपलब्धता बनी रहे।