सोख्ता निर्माण होने तक एचएम का वेतन स्थगित करने का आदेश

✍️परवेज अख्तर/सिवान;

सीवान-: जिले के कुछ प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के एचएम को समय पर सोख्ता निर्माण नहीं करवाना महंगा पड़ गया है। उप विकास आयुक्त सुनील कुमार के कड़े रुख व उनके निर्देश के आलोक में डीईओ चंद्रशेखर राय ने संबंधित एचएम का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का आदेश जारी किया है। जारी पत्रांकित आदेश के मुताबिक सभी बीईओ अपने प्रखण्डाधीन लापरवाह एचएम को चिह्नित करते हुए सोख्ता निर्माण होने तक उनका वेतन स्थगित रखना सुनिश्चित करेंगे। बता दें कि 9 सितम्बर को कलेक्ट्रेट के सभागार में उप विकास आयुक्त सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की थी। जिसमें सोख्ता क्रांति के मुहिम में ग्राउंड वाटर रिचार्ज व जिले में हरियाली बढ़ाने को लेकर “जल जीवन हरियाली योजना” की समीक्षा की गयी। इस योजना के तहत सोख्ता निर्माण नहीं कराने वाले संबंधित विद्यालय के संबंधित एचएम का वेतन रोकने का निर्देश जारी किया गया।
उल्लेखनीय है कि लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी से दिनों दिन भूगर्भीय जल का स्तर नीचे गिरता जा रहा है। इसके लिए जल संरक्षण जरूरी है। ऐसे में जल संकट से उबरने के लिए विद्यालयों के चापाकल एवं नल से निकलने वाले बेकार जल को पुनः जमीन के गर्भ में समाहित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी विद्यालयों को मानक के अनुरूप सोख्ता का निर्माण करने का आदेश दिया गया है।अधिकांश विद्यालयों में सोख्ता निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। कुछ विद्यालयों में कार्य प्रगति पर हैं तो कुछ विद्यालयों के एचएम वित्तीय रोना रो रहे हैं। विभाग के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 के विद्यालय विकास मद से सोख्ता का निर्माण करवाना है। जिसके लिए सात-आठ हजार रुपए खर्च करने का निर्देश है। जबकि इसके लिए अलग से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिले के कई एचएम का आरोप है कि विकास मद का खर्च किसी अन्य मद में खर्च करना कितना जायज है। क्या इससे विद्यालय का विकास प्रभावित नहीं होगा। जल स्तर को मेंटेन रखने के लिए एक अच्छा सोख्ता बनवाने में कम से कम 15 से 20 हजार रुपए की लागत पड़ेगी। फिलहाल विभागीय आदेश को औपचारिकताओं के नागपाश में बांधा जा रहा है।