सीवान।जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के लक्षण को देखते हुये शहर के अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय किया कि सीवान व्यवहार न्यायालय में केवल वर्चुअल कोर्ट काम करेगा। शहर में लगातार कोरोना संक्रमितों संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए संघ अध्यक्ष पांडेय रामेश्वरी प्रसाद एवं संघ सचिव प्रेम कुमार सिंह के आह्वान पर अधिवक्ताओं की एक आम बैठक शुक्रवार को संघ भवन में आयोजित की गई। इसमें कोर्ट किस प्रकार काम करें इसके संबंध में चर्चा की गई। बहुसंख्यक अधिवक्ताओं का मत था कि जरूरी काम का निपटारा होना चाहिए। वर्तमान समय में वर्चुअल कोर्ट की ही प्रासंगिकता है न कि प्रत्येक कोर्ट में फिजिकल उपस्थिति की। अंतत यह निर्णय लिया गया कि प्रयोग के तौर पर वर्चुअल कोर्ट 22 जुलाई तक काम करेगी तत्पश्चात पुन: निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर संघ के पूर्व अध्यक्ष सुभास्कर पांडेय, बृजमोहन रस्तोगी, सुनील दत्त शुक्ला, शिवनाथ सिंह आदि के अलावा युवा अधिवक्ता सुनील कुमार मिश्रा ने अपना विचार रखते हुए कहा कि जान है तो जहान है। अंत में संघ अध्यक्ष पांडेय रामेश्वरी प्रसाद उर्फ छोटे बाबू की मौजूदगी में संघ सचिव प्रेम कुमार सिंह ने 22 जुलाई तक वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से कार्य करने की नीतिगत घोषणा की तथा कोर्ट प्रशासन को भी तत्काल सूचना प्रेषित करने का निर्णय लिया। इसके अलावा वर्चुअल कोर्ट में होने वाली परेशानियों के 10 बिदुओं को चिह्नित कर जिला जज को संज्ञान में लाया गया है ताकि कोई समाधान हो। बैठक में युवा अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह, कमल किशोर सिंह, पूर्व संघ सचिव घनश्याम नाथ तिवारी, रजनी रंजन त्रिवेदी, अरविद कुमार त्रिपाठी, राजू कुमार मिश्रा, जीवनाथ पाठक, आशीष विजयादित्य आदि मौजूद रहे।